मिथिला चेतना संस्कृति समिति ने आयोजित किया विद्यापति स्मृति पर्व समारोह

आसनसोल : मिथिला चेतना संस्कृति समिति ने बीएनआर स्थित रवीन्द्र भवन में एकदिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का आयोजन किया. समिति की पटना शाखा के पदाधिकारी विवेकानंद झा ने इसका उद्घाटन किया. विधापति के चित्र पर पुष्प अर्पण किया गया. उसके पश्चात् वक्ताओ ने संबोधित किया. अध्यक्ष शिवकांत झा, रिटायर विभागध्यक्ष (मैथिली) विद्यानाथ झा (विदित), […]

आसनसोल : मिथिला चेतना संस्कृति समिति ने बीएनआर स्थित रवीन्द्र भवन में एकदिवसीय विद्यापति स्मृति पर्व समारोह का आयोजन किया. समिति की पटना शाखा के पदाधिकारी विवेकानंद झा ने इसका उद्घाटन किया. विधापति के चित्र पर पुष्प अर्पण किया गया. उसके पश्चात् वक्ताओ ने संबोधित किया.

अध्यक्ष शिवकांत झा, रिटायर विभागध्यक्ष (मैथिली) विद्यानाथ झा (विदित), विद्यापति सेवा संस्थान (दरभंगा) के अध्यक्ष वैधनाथ चौधरी, समिति की आसनसोल शाखा अध्यक्ष कृष्ण मोहन मेहता, स्वागताध्यक्ष शंभूनाथ झा, संरक्षक चंद्रकांत मिश्र, सचिव सुनील कुमार मिश्र, मोहन मिश्रा, दिलीप चौधरी, निभा झा, संजय कुमार सिन्हा, चंद कुमार झा, तपन पाल, इन्द्रजीत दे, विवेकानंद दे आदि शामिल थे.
सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिल्ली की गायिका खुशबू झा, मुम्बई की नीलिमा ठाकुर, धनबाद की आशा मिश्रा, धनबाद की वन्दना झा तथा दिल्ली के गायक अवनिन्द्र नाथ ठाकुर, दरभंगा रामसेवक ठाकुर ने मैथिली गायन से श्रोताओ को मंत्रमुग्ध् कर दिया.
विद्यापति सेवा संस्थान (दरभंगा) के अध्यक्ष श्री चौधरी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के शासनकाल में मैथिली भाषा को आठवीं अनुसूची में मान्यता मिल गयी थी. बिहार तथा झारखंड में भी मैथिली को मान्यता प्राप्त है.
उन्होने कहा कि आगामी 10 सितंबर से 15 सितंबर तक दरभंगा में आयोजित होने वाले 47 वें पर्व में आसनसोल शहर की मिथिला चेतना शाखा के सदस्यो को सपरिवार शामिल होना चाहिए. उन्होने कहा कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर, सुनिधि चक्रवर्ती, विपिन बिहारी, सुकुमार दे आदि ने मैथिली भाषा के उत्थान में प्रणेता की भूमिका अदा की है. मिथिला चेतना संस्कृति समिति को राज्य सरकार के सहयोग से मैथिली अकादमी का गठन करने का प्रयास करना चाहिए.
अध्यक्ष श्रीकांत झा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुये कहा कि मिथिला चेतना शाखा की जमीन की खरदारी हो चुकी है. कार्यालय का निर्माण कार्य भी हो चुका है. युवा पीढ़ी को संस्था को आगे लेकर जाने का प्रयास करना चाहिए.
स्वागताध्यक्ष श्री झा ने कहा कि मैथिली रीति रिवाज तथा सांस्कृतिक धरोहर को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने के लिये मैथिली चेतना शाखा देश भर में प्रयास कर रही है. आसनसोल शाखा के द्व्रारा मिथिला संस्कृति का प्रचार प्रसार करने का प्रयास किया गया.

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