नयी गतिविधियों में हों शामिल, स्वीकारें चुनौती

सीएमडी पीएस मिश्रा ने भावनात्मक संतुलन को बताया अत्यधिक महत्वपूर्ण जीवनशैली में कुछ मामूली परिवर्तन कर निजात पाया जा सकता है इन सबसे सांकतोड़िया : ईसीएल मुख्यालय में गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर सेमिनार हुआ. साथ ही जागरूकता रैली निकाली गई. उद्घाटन कंपनी के तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) जयप्रकाश गुप्ता ने किया. सेमिनार […]

सीएमडी पीएस मिश्रा ने भावनात्मक संतुलन को बताया अत्यधिक महत्वपूर्ण

जीवनशैली में कुछ मामूली परिवर्तन कर निजात पाया जा सकता है इन सबसे
सांकतोड़िया : ईसीएल मुख्यालय में गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर सेमिनार हुआ. साथ ही जागरूकता रैली निकाली गई. उद्घाटन कंपनी के तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) जयप्रकाश गुप्ता ने किया. सेमिनार का उद्घाटन कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक प्रेम सागर मिश्रा ने किया.
मुख्य औषधीय चिकित्सक (सीएमएस) डॉ बिद्युत गुहा, सांकतोड़िया अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके सिन्हा, डॉ बीएन ठाकुर, डॉ सुदीप माजी, डॉ टी सेनगुप्ता, डॉ अभिजीत विश्वास सहित अस्पताल के सभी चिकित्सक एवं नर्स उपस्थित थी. सीएमडी श्री मिश्रा ने कहा कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण व अनिवार्य हिस्सा है. ज़्यादातर लोग शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए किसी न किसी गतिविधि में हिस्सा लेते हैं- जैसे जिम जाना, पैदल चलना, तैराकी या मैदान में खेलना आदि.
मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए कुछ कार्यकलापों को भी शामिल कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार कि केवल अवसाद, व्यग्रता या अन्य विकार होने पर भी जरूरी नहीं है कि व्यक्ति मानसिक या भावनात्मक रूप से स्वस्थ है. भावनाओं का प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन को बनाये रखना महत्वपूर्ण कौशल है. भावनाओं के विनियमन कौशल की कमी से खराब सेहत, रिश्तों में कठिनाई और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) श्री गुप्ता ने कहा कि चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और उन लोगों और चीजों से निपटना होगा, जो पसंद नहीं है. चुनौतियों को जितना अधिक स्वीकार करने में सक्षम होंगे, उतना अधिक मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ सरल दैनिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके या अपनी जीवनशैली में कुछ मामूली परिवर्तन करके अपनी मानसिक भलाई की देखभाल की जा सकती है.

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