Asansol Election Violence 2026| आसनसोल, संतोष विश्वकर्मा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर आसनसोल में राजनीतिक पारा चरम पर है. रविवार को आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 48 और 49 के बीच स्थित बुद्धा ग्राम इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच जबर्दस्त टसन देखने को मिली.
विवाद शांत करने पहुंचे भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी
दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहा-सुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गयी और स्थिति मारपीट तक जा पहुंची. घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे और तनाव को कम करने का प्रयास किया.
प्रचार के दौरान बढ़ा विवाद, मोबाइल तोड़ने का आरोप
झड़प की शुरुआत डोर-टू-डोर कैंपेनिंग के दौरान हुई, जिसने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब वे शांतिपूर्वक प्रचार कर रहे थे, तब तृणमूल समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गयी और उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया.
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टीएमसी ने कहा- हमारे ऑफिस के सामने बार-बार आ रही थी भाजपा की गाड़ी
तृणमूल कार्यकर्ताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा की प्रचार गाड़ी बार-बार उनके पार्टी कार्यालय के सामने आकर रुक रही थी. जान-बूझकर वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी. टीएमसी का कहना है कि इसी उकसावे के कारण विवाद की स्थिति पैदा हुई.
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पुलिस और केंद्रीय बलों का फ्लैग मार्च
स्थिति बिगड़ती देख भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) को मोर्चा संभालना पड़ा. भाजपा प्रत्याशी कृष्णेंदु मुखर्जी ने मौके पर पहुंचकर अपने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की. पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों ने इलाके में गश्त (फ्लैग मार्च) शुरू की, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई और हालात सामान्य हुए.
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Asansol Election Violence: इलाके में तनावपूर्ण शांति
फिलहाल बुद्धा ग्राम इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है. पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाये रखने की अपील की है और बिना किसी पुख्ता सबूत के एक-दूसरे पर दोषारोपण न करने का आग्रह किया है. पुलिस की टीमें इलाके में लगातार निगरानी रख रही हैं, ताकि मतदान से पहले दोबारा ऐसी कोई घटना न हो.
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