कर्मचारियों की वेतन वृद्धि में कोलकाता पीछे

कोलकाता : देश के अधिकतर लोग निजी कंपनी के कार्यालयों काम करते हैं. सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा वेतन आयोग का गठन किया गया है, लेकिन निजी कंपनी के कर्मचारियों का वेतन कोई आयोग नहीं, बल्कि उसके मालिक तय करते हैं. कुछ कंपनियों को छोड़ कर अधिकांश क्षेत्र में कर्मचारियों के वेतन से […]

कोलकाता : देश के अधिकतर लोग निजी कंपनी के कार्यालयों काम करते हैं. सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार द्वारा वेतन आयोग का गठन किया गया है, लेकिन निजी कंपनी के कर्मचारियों का वेतन कोई आयोग नहीं, बल्कि उसके मालिक तय करते हैं. कुछ कंपनियों को छोड़ कर अधिकांश क्षेत्र में कर्मचारियों के वेतन से लेकर सभी सुविधाएं तय मालिक ही करते हैं.
ऐसी ही निजी कंपनियों को लेकर भारत की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनी टीमलीज सर्विसेज ने अपनी सालाना ‘जाॅब्स एण्ड सैलेरी प्राइमर रिपोर्ट 2018-19′ का लाॅन्च किया. जो कंपनी के अस्थायी एवं स्थायी भर्ती के बाजार में वेतन के रूझानों पर रोशनी डालती है. इस रिपोर्ट के अनुसार, महानगरों में कोलकाता एक मात्र एेसा महानगर है, जहां कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत से भी कम की वृद्धि की गई है.
यह रिपोर्ट अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के बीच चुनिंदा शहरों और उद्योगों में वेतन के रूझानों के बारे में बताती है. रिपोर्ट के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में वेतन में न्यूनतम 10 फीसदी और अधिकतम 15 फीसदी वृद्धि होने की संभावना है. जबकि कोलकाता और अहमदाबाद मात्र दो शहर हैं, जहां 10 से ज्यादा सेक्टरों में 10 फीसदी से कम वृद्धि दर्ज की गयी है.
17 में से 9 क्षेत्रों में दो अंकों में होगी वेतन की वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण किए गए 17 में से 9 क्षेत्रों में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो सकारात्मक रूझानों की ओर संकेत करती है. 9 में से 7 शहरों में वेतन वृद्धि के सकारात्मक रूझान समने आए हैं. बेंगलुरु में ई-काॅमर्स सेक्टर (अधिकतम 15.37 फीसदी) तथा मुंबई में एजुकेशनल सर्विस सेक्टर (अधिकतम 14.55 फीसदी) में वेतन में अधिकतम वृद्धि दर्ज की गई है.
ई-काॅमर्स, टेक स्टार्ट-अप, शिक्षा, एफएमसीजी, एफएमसीडी, हेल्थकेयर और फार्मा, आईटी, मीडिया एवं एंटरटेनमेन्ट, रीटेल एवं रीटेल कम्युनिकेशन सेक्टर इस दृष्टि से सबसे आगे हैं, जहां सर्वेक्षण किए गए नियोक्ताओं में 10 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है. कुछ अन्य सेक्टरों जैसे कृषि एवं कृषि रसायन, आॅटोमोबाइल एवं संबद्ध सेवाओं, बीपीओ सेवाओं, निर्माण और रियल एस्टेट, हाॅस्पिटेलिटी, ओद्यौगिक निर्माण, पावर एवं एनर्जी सेक्टर में 10 फीसदी से कम वृद्धि दर्ज की गई है.
14 सेक्टरों में स्थायी वेतन के साथ अस्थायी वेतन में 5 फीसदी से कम वृद्धि दर्ज की गई. इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए रितुपर्णा चक्रवर्ती, सह-संस्थापक एवं कार्यकारी उपाध्यक्ष, टीमलीज सर्विसेस ने कहा कि हमारे देश में अब वेतन बढ़ रहे हैं. जाॅब एण्ड सैलेरी प्राइमर हमारी सालाना रिपोर्ट है जो मुख्य क्षेत्रों में वेतन में आने वाले बदलावों पर रोशनी डालती है. पिछले वर्ष में सभी मुख्य क्षेत्रों के कर्मचारियों के औसत वेतन में 11.5 फीसदी की वृद्धि हुई है.
आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स अब अपना दायरा बढ़ा रही है और अगले चार सालों में 17 सेक्टरों में कुल 1.3 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी. टीमलीज़ की नई जाॅब एण्ड सैलेरी प्राइमर रिपोर्ट अस्थायी एवं स्थायी भर्ती के बाज़ारों में वेतन के बारे में बताती है. इसके लिए साल 2018 में 17 सेक्टरों और 9 शहरों में 300,000 वेतन रिकाॅर्ड्स का सर्वेक्षण किया गया है.
किन-किन क्षेत्रों में पांच प्रतिशत से कम वृद्धि
कृषि एवं कृषि रसायन, आॅटोमोबाइल एवं संबद्ध क्षेत्र, बीपीओ, निर्माण और रियल एस्टेट, एफएमसीडी, एफएमसीजी, स्वास्थ्यसेवा एवं फार्मास्युटिकल्स, आईटी, हाॅस्पिटेलिटी, उद्योग निर्माण एवं सम्बद्ध, मीडिया और एंटरटेनमेन्ट, पावर और एनर्जी, दूरसंचार, बीएफएसआई, निर्माण और रियल एस्टेट, एफएमसीडी, एफएमसीजी.
15 फीसदी से ज्यादा वृद्धि वाले प्रोफाइल्स
यूज़र एक्सपीरिएन्स डिज़ाइनर, एम्बेडेड टेक्नोलाॅजी इंजीनियर, डिजिटल मार्केटिंग हैड, सीएसआर मैनेजर, प्रोडक्ट डेवलपमेन्ट मैनेजर.
सबसे ज्यादा वेतन वाले प्रोफाइल
ई-काॅमर्स, टेक स्टार्ट-अप, शिक्षा सेवाएं, हेल्थकेयर एवं फार्मास्युटिकल्स, आईटी, मीडिया एवं एंटरटेनमेन्ट, पावर और एनर्जी, रीटेल और टेलीकम्युनिकेशन्स.
नये वेतन की दृष्टि से तेजी से विकसित होने वाले प्रोफाइल
सर्टिफाइड एथिकल हैकर, एम्बेडेड टेक्नोलाॅजीज़ इंलीनियर, एसएएमआई डेवलपर, वैलनैस एडवाइज़र, मर्चेन्ट रिलेशन्स एक्ज़क्टिव, जीएम टेक्नोलाॅजी, एंटरप्राइज़ेज़ आर्कीटेक्ट.

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