मंत्री गौतम देव ने पत्रकारों पर हमले से पल्ला झाड़ा
सिलीगुड़ी. जब अपनी ताकत का दावा करना हो तो रैली में उपस्थित पूरी भीड़ को अपना समर्थक बताया जाता है. लेकिन अगर रैली में कोई अप्रिय घटना घट जाये, तो दोष बाहरी तत्वों पर मढ़ दिया जाता है. शुक्रवार को तृणमूल माइनॉरिटी सेल की एक रैली के दौरान पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना […]
सिलीगुड़ी. जब अपनी ताकत का दावा करना हो तो रैली में उपस्थित पूरी भीड़ को अपना समर्थक बताया जाता है. लेकिन अगर रैली में कोई अप्रिय घटना घट जाये, तो दोष बाहरी तत्वों पर मढ़ दिया जाता है. शुक्रवार को तृणमूल माइनॉरिटी सेल की एक रैली के दौरान पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर राज्य के पर्यटन मंत्री तथा दार्जिलिंग जिला तृणमूल अध्यक्ष गौतम देव का कुछ ऐसा ही रुख है. उन्होंने पत्रकारों पर हमला करनेवालों को बहिरागत व असामाजिक तत्व बताया है.
उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) थाना अंतर्गत फूलबाड़ी इलाके के एक कब्रिस्तान से कंकाल चोरी होने की घटना के विरोध में शुक्रवार को एक रैली निकाली गयी थी. इस रैली में शामिल लोगों ने कुछ पत्रकारों पर हमला कर दिया. इस घटना में सिलीगुड़ी के तीन फोटो पत्रकार घायल हुए हैं. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों सम्मानित फोटो पत्रकार रवि भट्टाचार्य को काफी चोट आयी है. सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. शनिवार को उन्हें छुट्टी दे दी गयी.
शुक्रवार रात गौतम देव घायल पत्रकारों को देखने सिलीगुड़ी जिला अस्पताल पहुंचे. घायलों को देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह घटना कष्टकर है. पत्रकारों के साथ मारपीट या हमला सिलीगुड़ी का चलन नहीं है. लेकिन तुरंत ही सुर बदलकर उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला करनेवाले लोग उनकी पार्टी के सदस्य नहीं थे. रैली में बहिरागत और असामाजिक तत्व भी घुस आते हैं. यह उन्हीं लोगों का काम है. इसके अतिरिक्त कब्र से कंकाल गायब होने की घटना भी दुर्भाग्यपूर्ण है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. हमलावरों को कतई बख्शा नहीं जायेगा.
चुनाव के समय शक्ति प्रदर्शन के लिए, मुख्यमंत्री व किसी वरिष्ठ नेता की रैली या जनसभा में उपस्थित सभी लोग पार्टी का सदस्य घोषित किये जाते हैं. लेकिन किसी प्रकार की अनचाही घटना घटने पर रैली में शामिल लोगों को बहिरागत और असामाजिक तत्व करार दिया जाता है. मंत्री गौतम देव ने स्वयं स्वीकार किया कि घटना के खिलाफ एक शांति रैली निकालने का निर्देश उन्होंने दिया था.
मंत्री सह जिलाध्यक्ष के निर्देश पर निकली रैली ने पथ बदल लिया. मिली जानकारी के अनुसार, एयरव्यू मोड़ से शुरू हुई तृणमूल माइनरिटी सेल की रैली का वर्धमान रोड होकर कर्बला मैदान में समाप्त होना तय हुआ था. जबकि रैली का नेतृत्व कर रहे नेता रैली को हिलकार्ट रोड से होते हुए हाशमी चौक ले गये. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल माइनोरिटी सेल ने जिलाध्यक्ष के एक भी निर्देश का पालन नहीं किया. घटना के खिलाफ शांति रैली निकालने का निर्देश दिया गया था, जबकि माइनोरिटी सेल ने धिक्कार रैली निकाली. पार्टी की इन अंदरूनी बातों को छिपाने के लिये जिलाध्यक्ष गौतम देव इस बारे में किये गये सवालों को टाल गये.