सिलीगुड़ी: किडनी के लिए सिलीगुड़ी की एक 11वर्षीय छात्रा के अपहरण की कोशिश नाकाम हो गयी. छात्रा ने अपनी सूझबूझ से अपहरणकर्ता के योजना पर पानी फेर दिया और चकमा देकर फरार हो गयी. पीड़िता स्थानीय बाबूपाड़ा स्थित शिक्षण संस्थान ज्योत्सनामयी गर्ल्स हाइ स्कूल की पांचवीं की छात्रा है और 28 नंबर वार्ड के एनटीएस मोड़ के पास मजदूर कॉलोनी निवासी बाबूलाल मंडल की लड़की है. अपहरण की कोशिश के मद्देनजर पीड़ित छात्रा की मां सुषमा मंडल ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी थाना में एफआइआर भी दायर करा दी है. इसके अलावा स्कूल की ओर से भी सिलीगुड़ी महिला थाना व सिलीगुड़ी थाना के इंस्पेक्टर देवाशीष बोस को बदमाशों पर लगाम कसने और स्कूल के सामने सादी वर्दी में पुलिस बल तैनात करने की मांग की है.
स्कूल में अभिभावकों का हंगामाः पीड़ित छात्रा के परिजनों और स्कूल के ही अन्य छात्राओं के अभिभावकों ने ज्योत्सनामयी गर्ल्स हाइ स्कूल में जाकर अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर खूब हंगामा किया. इस दौरान स्कूल की प्रधानाचार्या शुक्ला दास के साथ अभिभावकों की काफी नोंक-झोंक हुई. सूचना पाकर कवरेज के लिए मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को भी प्रधानाचार्या के गुस्से का सामना करना पड़ा. बाद में सूचना पाकर 28 नंबर वार्ड के पार्षद प्रशांत चक्रवर्ती भी स्कूल पहुंचे और सभी को समझा-बुझाकर मामले को सिलीगुड़ी थाना में ले जाने की हिदायत दी. श्री चक्रवर्ती के अगुवायी में स्कूल की शिक्षिकाएं, छात्रा के परिजन व स्कूल के अन्य छात्राओं के अभिभावक सिलीगुड़ी थाना जाकर इंस्पेक्टर देवाशीष बोस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी .
क्या है पूरा मामलाः छात्रा द्वारा पुलिस को दिये बयान और दायर एफआइआर के बाद पुलिस हरकत में आ गयी है. छात्रा के बयान के अनुसार घटना तीन दिन पहले चार अप्रैल यानी मंगलवार शाम करीब चार बजे की है. स्कूल से छुट्टी होने के बाद वह स्कूल के बाहर बाबूपाड़ा के पानीटंकी मोड़ पर मां का इंतजार कर रही थी. तभी एक कार उसके पास आकर रूकी. उसका चालक चहल-कदमी करते हुए उसके पास आकर खड़ा हुआ और देखते ही देखते उस अज्ञात लड़के ने उसके मुंह-नाक पर रूमाल रखकर जोर-जबरदस्ती कार में धकेल दिया. इसके बाद वह बेहोश हो गयी. जब उसे होश आया तब अज्ञात लड़का कार चलाते हुए मोबाइल पर किसी से बात कर रह रहा था. वह किसी को कह रहा था कि किडनी के लिए एक लड़की की व्यवस्था कर ली है. इस बाबत उसे पांच लाख रूपये चाहिए. पीड़िता का कहना है कि लड़के की बात सुनने के बाद उसके होश उड़ गये लेकिन वह अचेत होने का ही ढोंग करती रही. किसी अंधेरे इलाके और सुनसान जगह पर जाकर कार रूकी. कुछ देर बाद कार से बाहर झांक कर देखने पर लड़का कहीं दिखायी नहीं दिया. चुपके से कुछ दूर आगे भागकर एक बड़े बिल्डिंग के अंधेरे गलियारे में जाकर छिप गयी. काफी देर बाद जब कार वापस लौट गयी तो वह वहां से बाहर निकली. इस दौरान वह कहां थी नहीं मालूम. लेकिन रास्ते में एक महिला को देखकर उनको आपबीती बतायी और मोबाइल से मां-पिताजी से बात कराने की गुजारिश कर दी. उस महिला ने अपहरण का आरोप लगने के डर से बात नहीं करायी और स्कूल के पास ही बाबूपाड़ा के मुर्गी हट्टी के पास ले जाकर छोड़ दिया. इस दौरान उसने महिला से घर तक चलने की भी गुजारिश की लेकिन उन्होंने घर जाने से भी साफ इंकार कर दिया. मुर्गी हट्टी से वह घर का रास्ता जानती थी इसलिए किसी तरह लड़खड़ाते हुए वह घर पहुंची.
क्या कहती है मां: पीड़िता की मां सुषमा का कहना है कि जब वह घर पहुंची तब शाम के सात बज रहे थे. उसकी बेटी का काफी डरी-सहमी और लगातार रो रही थी. वह सही तरीके से खड़ी तक नहीं हो पा रही थी. उसने जो ्र बताया उससे हमारे भी होश उड़ गये. बेटी को पहले उसी समय इलाज के लिए सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में भरती कराया गया. कल रात को उसे अस्पताल से छुट्टी दी गयी. इसलिए वे लोग थाना में मामला भी नहीं कर सके.
प्रधानाचार्या को जानकारी नहीं: स्कूल की प्रधानाचार्या शुक्ला दास ने वारदात की जानकारी से साफ इंकार कर दिया है. उनका कहना है कि स्कूल के बाहर अगर छात्राओं के साथ कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी स्कूल की नहीं होती है, लेकिन अगर ऐसा कुछ होता भी है तो पहले स्कूल के साथ-साथ स्थानीय थाना में पुलिस को भी सूचित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वारदात के तीन दिन बीत गये छात्रा के परिजनों की ओर से इस बीच स्कूल को कोई जानकारी नहीं दी गयी. अगर ऐसा हुआ भी है तो हम अपनी छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस से गुहार जरूर लगायेंगे.
आवारा लड़कों का लगता है जमघट : प्रधानाचार्या शुक्ला दास ने आज सिलीगुड़ी थाना में इंस्पेक्टर देवाशीष दास के सामने स्कूल के आस-पास आवारा लड़कों के जमघट लगने का भी दावा किया. उनका कहना है कि स्कूल शुरू होने, टिफिन टाइम और छुट्टी होने के दौरान इनको अधिक देखा जाता है. इतना ही नहीं स्कूल से सटे सुनसान रास्तों पर खड़े होकर ऐसे मनचले छात्राओं को अश्लील टिप्पणियां करते हैं. उन्होंने इंस्पेक्ट को छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूले के पास पुलिस की गश्ती बढ़ाने का ज्ञापन दिया.
मनचलों पर पुलिस कसेगी नकेलः इंस्पेक्टर देवाशीष बोस ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वत किया है कि मनचलों को किसी भी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जायेगा. ऐसे मनचलों पर पुलिस नकेल कसेगी. इसके लिए स्कूल के आस-पास पुलिस गश्ती बढ़ायी जायेगी. सादी वर्दी में ही नहीं बल्कि पुलिस वैन के जरिये मनचलों पर कड़ी नजर रखी जायेगी. छात्रा के अपहरण मामले पर उन्होंने कहा कि उसकी मां ने शिकायत दर्ज करायी है. साथ ही पीड़िता का बयान लिया गया है. इसके आधार पर पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है.
