इसको लेकर परिवार वालों में भारी रोष है. छात्रा के माता-पिता ने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. यह घटना गंगारामपुर थाना इलाके की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, दक्षिण दिनाजपुर जिला अंतर्गत गंगारामपुर थाना के अशोक ग्राम गांव के रहने वाले अबूल हुसैन की 14 वर्षीय बेटी नौ मार्च से ही लापता है. अबूल हुसैन पेशे से किसान हैं. उस दिन उनकी पत्नी एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी.
वह अपनी बेटी के साथ घर में थे. शाम को वह नमाज पढ़ने गये. घर लौटकर देखा तो बेटी नहीं थी. उन्हें लगा कि बेटी शायद किसी के घर घुमने गयी होगी. लेकिन कई घंटे बाद भी वह घर नहीं लौटी. उसके बाद पूरे गांव में उसकी तलाश शुरू हो गई. अनेक तलाशी करने के बाद भी बेटी का कोई अता-पता नहीं चला. उसके बाद अबूल हुसैन ने रात को ही गंगारामपुर थाना पहुंचे. वहां से उन्हें स्थानीय पुलिस फांड़ी में शिकायत करने के लिए कहा गया. वह पुलिस फांड़ी गये और बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज करा दी. उन्होंने इस घटना में सद्दाम हुसैन नामक एक युवक के शामिल होने का संदेह भी प्रकट किया. उसके बाद पुलिस सद्दाम हुसैन के घर पहुंची. सद्दाम हुसैन घर में नहीं मिला. आरोपी की मां अर्जीना बेवा ने पुलिस को बताया कि उन्हें बेटे के संबंध में कोई जानकारी नहीं है.
उसके बाद अबूल हुसैन ने 11 मार्च को गंगारामपुर थाने में सद्दाम हुसैन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करा दी. सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी तथा बेटी को ढूंढ़ निकालने की मांग को लेकर अबूल हुसैन 15 मार्च को पुलिस अधीक्षक के कार्यालय भी पहुंचे और उन्हें ज्ञापन भी दिया. उसके बाद भी अब तक न तो बेटी का पता चला है और न ही सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी हुई है. अबूल हुसैन ने आरोप लगाते हुए कहा कि सद्दाम हुसैन कई बार तीन लाख 20 हजार रुपये फिरौती देने की मांग को लेकर फोन भी कर चुका है. मोबाइल से फिरौती की मांग की जा रही है. जिस मोबाइल नंबर से फोन आ रहे हैं उसकी भी जानकारी पुलिस को दे दी गई है.
उसके बाद भी पुलिस कुछ भी करने में नाकाम रही है. अबूल हुसैन ने आगे कहा कि सद्दाम ने ही उनकी बेटी को कहीं छिपा कर रखा है. इस बीच, पुलिस से कोई सहायता नहीं मिलने के बाद लापता छात्रा की माता-पिता ने चाइल्ड लाइन से मदद की गुहार लगायी है. इस मामले में चाइल्ड लाइन के जिला कॉर्डिनेटर सूरज दास ने मदद का भरोसा भी दिया है. श्री दास ने बताया है कि मोबाइल नंबर की सहायता से आरोपियों को पकड़ना काफी आसान है. वह पीड़ित परिवार को लेकर एक बार फिर से पुलिस अधीक्षक के पास जायेंगे. वह यथाशीघ्र लापता छात्रा को बरामद कराने की कोशिश करेंगे.
