कोलकाता. अब महानगर के बाजार में नकली यानी प्लास्टिक के अंडे भी बिक रहे हैं. हालांकि प्लास्टिक के अंडे बेचनेवाले व्यापारी को करया थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी का नाम शमीम अंसारी है. शुक्रवार को अलीपुर कोर्ट में पेश करने पर आरोपी को चार अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी व अपराध की साजिश रचने की धारा के तहत उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की गयी थी. वह ये अंडे कहां से लाया था, उससे पूछताछ हो रही है.
कैसे हुआ खुलासा : करया इलाके की रहनेवाली अनिता कुमारी ने महानगर में प्लास्टिक के अंडे बेचे जाने की शिकायत थाने में दर्ज करायी थी. उसने पुलिस को बताया था कि अंडे का ऑमलेट खाते ही उसकी बेटी को पेट दर्द होने लगा. इसके बाद उसने दूसरे अंडे को फोड़ा था. उससे निकलनेवाली जर्दी (कुसुम) का रंग दूसरी तरह का था. इसके बाद उसे यह अंडा नकली लगा.
अनिता कुमार ने कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी से भी शिकायत की. इसके बाद निगम का स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया. स्वास्थ्य विभाग के मेयर परिषद सदस्य अतीन घोष के नेतृत्व में गुरुवार को महानगर में अभियान चला कर कुछ अंडे जब्त किये गये. अंडों को निगम ने जांच के लिए भेजा है.
प्लास्टिक जलने जैसी बदबू : श्री घोष ने बताया कि अनिता कुमार ने अंडे के खोल हमें सौंपने से पहले खुद अपने घर में इसकी जांच की थी. उसके अनुसार खोल को जलाने के बाद वह प्लास्टिक की तरह जलने के साथ ही सिकुड़ने लगा. इस अंडे का ऑमलेट बनाते समय भी प्लास्टिक जलने जैसी बदबू आ रही थी. अनिता कुमार ने गुरुवार को ये अंडे महानगर के 3, मनिंद्र मित्रा रोड स्थित एक दुकान से खरीदी थी. इस इलाके में निगम द्वारा अभियान चलाया गया है. सभी थोक व खुदरा विक्रेताओं के अलावा निगम के सभी बाजारों में भी अभियान चलाया जायेगा. दोषी पाये गये विक्रेताओं के खिलाफ नेशनल फूड सेफ्टी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
चीन से आये थे प्लास्टिक के अंडे?
उन्होंने आशंका जतायी कि हो सकता है चीन व अन्य किसी पड़ोसी देशों से ये अंडे भारत में भेजे जा रहे हैं. उन्होंने इस मामले की इंफोर्समेंट ब्रांच (इबी) से जांच कराये जाने की मांग की है.
क्या कहना है विशेषज्ञों का
जादवपुर विश्वविद्यालय के खाद्य व तकनीकी विभाग की प्रोफेसर रुनु चक्रवर्ती का कहना कि अंडे की तीन परत होती है. पहली परत खोल होता है. दूसरी परत सादा तरल पदार्थ और तीसरी पीले रंग की जर्दी होती है. नकली अंडे का निर्माण कैलशियम कार्बोनेट, जिपस्म आदि की मदद से होता है और जर्दी बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है.
स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं नकली अंडे
नकली अंडे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं. चूंकि प्लास्टिक पचता नहीं है. इस कारण इससे पेट से संबंधित बीमारियां व अन्य रोग उत्पन्न होते हैं. यह आदमी को बीमार कर सकता है. इससे बनाने में काफी कम खर्च होता है. एक नकली अंडे को तैयार करने में एक रुपये से ज्यादा की लागत नहीं आती है.
