मात्र पांच रुपये में उत्तर पुस्तिकाएं जांचते हैं परीक्षक

कोलकाता: माध्यमिक की परीक्षा समाप्त हो चुकी है और अब उच्च माध्यमिक की परीक्षा भी 30 मार्च को समाप्त हो जायेगी. अब निर्धारित समय पर परीक्षा के नतीजे प्रकाशित करने के लिए उत्तर-पुस्तिकाएं जांचने का काम तेजी से हो रहा है. जो परीक्षाएं पहले खत्म हो गयी हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाएं पहले जांची जा रही […]

कोलकाता: माध्यमिक की परीक्षा समाप्त हो चुकी है और अब उच्च माध्यमिक की परीक्षा भी 30 मार्च को समाप्त हो जायेगी. अब निर्धारित समय पर परीक्षा के नतीजे प्रकाशित करने के लिए उत्तर-पुस्तिकाएं जांचने का काम तेजी से हो रहा है. जो परीक्षाएं पहले खत्म हो गयी हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाएं पहले जांची जा रही हैं. मिली जानकारी के अनुसार तीन किश्तों में इग्जैमिनरों को अपने विषय की उत्तर-पुस्तिकाएं जांच कर देनी होती है, लेकिन शिक्षकों को मेहनताने के रूप में प्रति कॉपी मात्र 5 रुपये ही दिये जाते हैं जिससे शिक्षकों में खासी नाराजगी है.
इस विषय में दक्षिण कोलकाता के एक स्कूल के शिक्षक ने बताया कि एक-एक शिक्षक को 200-250 उत्तर-पुस्तिकाएं जांचनी पड़ती हैं. ये कॉपियां पहले इग्जैमिनरों को हेड इग्जैमिनरों के घर से संग्रहित करनी पड़ती हैं. फिर उन्हें जांच कर उनके घर भी पहुंचानी पड़ती है. एक-एक हेड इग्जैमिनर का घर 40-50 किलोमीटर दूर होता है. उत्तर-पुस्तिकाअों को लाने-ले जाने में काफी सावधानी बरतनी पड़ती है, लेकिन इसके लिए एक्जामिनरों को केवल 200 रुपये दिये जाते हैं.
बड़ाबाजार के सरकारी स्कूल के एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया कि पहले तो माध्यमिक व उच्च माध्यमिक की एक कॉपी जांचने के लिए इग्जैमिनरों को मात्र 3.50 रुपये दिये जाते थे. अब इसको 5 रुपये कर दिया गया है. वहीं ओपन स्कूल में इग्जैमिनरों को माध्यमिक की कॉपी जांचने के लिए 16 रुपये व उच्च माध्यमिक के लिए 20 रुपये प्रति कॉपी दिये जाते हैं. आसीएसई बोर्ड के इग्जैमिनरों को दसवीं की कॉपी के लिए 25 व 12वीं की कॉपी के लिए 35 रुपये प्रति कॉपी दिये जाते हैं. वहीं सीबीएसइ परीक्षा के मामले में इग्जैमिनरों को हेड एक्जामिनर के घर नहीं जाना पड़ता, बल्कि बोर्ड द्वारा बनाये गये एक सेंटर पर जाकर स्पॉट एवेल्यूशन करना पड़ता है. उनको दसवीं की एक कॉपी के लिए 25 रुपये व बारहवीं की कॉपी लिए 30 रुपये दिये जाते हैं. सीबीएसई परीक्षा के नतीजे 23-25 मई के बीच में आने की संभावना है.
सरकारी स्कूल के कुछ वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि इग्जैमिनरों द्वारा जांची गयी कॉपी की हेड इग्जैमिनरों स्क्रूटनी करवाता है. उसके बाद कॉपी अंत बोर्ड में भेज दी जाती है. स्क्रूटनी के लिए भी सीनियर शिक्षकों को एक कॉपी के लिए केवल डेढ़ या दो रुपये दिये जाते हैं. कुछ शिक्षकों की शिकायत है कि उत्तर-पुस्तिकाओं से छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है. कई बार एक जगह से दूसरे स्थान पर कॉपियां पहुंचाने में काफी परेशानी होती है.

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