अदालत में ज्यादा देर तक मामले की सुनवाइ नहीं हुयी. सीआइडी की अपील पर अदालत ने जूही को 12 दिनों के रिमांड पर भेज दिया. इसबीच,जूही चौधरी ने एक बाद फिर से अपने को निर्दोष बताया है और कि षडयंत्र कर फंसाया गया है.इस मामले की सीबीआद जांच की मांग करते हुए जूही ने कहा कि एक बार सीबीआइ जांच होते ही पूरे रहस्य से परदा उठ जायेगा.उन्हें राजनीति करने की सजा मिल रही है. चंदना चक्रवर्ती से उनकी कितनी पुरानी जान-पहचान है,इसकी भी जांच होनी चाहिए. दरअसल वह चंदना चक्रवर्ती को अधिक दिनों से नहीं जानती थी.कोइ कितनी भी कोशिश कर ले उनके मनोबल को काइ नहीं तोड़ सकता.चाहे तृणमूल हो या कांग्रेस या फिर वाम मोरचा,कोइ भी उनके मनोबल को तोड़ नहीं सकता.जूही को देखने के लिए उनकी मां मिठू चौधरी भी अदालत में आयी थीं. डनहोंने मीडिया में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.
जूही चौधरी को 12 दिनों की सीआइडी रिमांड
जलपाईगुड़ी/सिलीगुड़ी. जलपाईगुड़ी के एक होम से शिशु तस्करी मामले की मुख्य आरोपी भाजपा नेता जूही चौधरी को कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को जलपाइगुड़ी कोर्ट में पेश किया गया. उसे दोपहर बाद सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा थाना से यहां लाया गया और अदालत में उसकी पेशी हुयी. अदालत में ज्यादा देर तक मामले की सुनवाइ नहीं […]

जलपाईगुड़ी/सिलीगुड़ी. जलपाईगुड़ी के एक होम से शिशु तस्करी मामले की मुख्य आरोपी भाजपा नेता जूही चौधरी को कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार को जलपाइगुड़ी कोर्ट में पेश किया गया. उसे दोपहर बाद सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा थाना से यहां लाया गया और अदालत में उसकी पेशी हुयी.
इसबीच,होम शिशु तस्करी कांड में गिरफ्तार चंदना चक्रवर्ती की भाभी रीता राइ को सीआइडी ने सरकारी गवाह बना लिया है.बुधवार को जलपाइगुड़ी दायरा अदालत में भारतीय दंड संहिता की धारा 164 के अधीन मजिस्ट्रेट के सामने रीता ने अपना बयान रिकार्ड कराया.रीता चंदना चक्रवर्ती के होम नॉर्थ बंगाल पिपल्स डेवलपमेंट सेंटर में कार्यकारी अध्यक्ष थी.रीता चंदना के साथ इस होम में काफी वर्षों से काम करती थी.बाद में उसने चंदना के भाइ से शादी कर ली.सीआइडी का कहना है कि चंदना चक्रवर्ती की ओर से रीता ही नॉर्थ बंगाल पिपल्स डवलपमेंट सेंटर और बिमला शिशु गृह का कामकाज संभालती थी.इन दोनों होम से बच्चों को वैध और अवैध रूप से गोद देने की प्रक्रिया पर उसी की निगरानी रहती थी.वह फाइलों पर हस्ताक्षर आदि भी करती थी. चंदना के भाइ द्वारा जो 17 बच्चे बेचे गए हैं,उसकी फाइल और दस्तावेज भी रीता के पास से ही मिले हैं.सीआइडी अधिकारियों का कहना है कि जांच के क्रम में रीता की गवाही काफी महत्वपूर्ण है.जो रीता हमेशा चंदना के साथ काम करने वाली रीता ने आज चंदना के खिलाफ अपना बयान दर्ज कराया है.सीआइडी का मानना है कि चार्जशीट दायर होने के बाद भी चंदना अपने बयान पर कायम रह सकती है.
क्या कहना है जूही के वकील का
जूही चौधरी की वकील अखिल विश्वास का कहना है कि चंदना के साथ जूही का कोइ संपर्क नहीं है. अपना होम चलाने के लिए चंदना चक्रवर्ती ने जूही से सहायता मांगी थी.उसने सहायता देने की बात कही थी. इस आधार पर सीआइडी जूही को कैसे गिरफ्तार कर सकती है.सीआइडी चाहती तो उसके साथ पूछताछ कर सकती थी.जूही ने कोइ सबूत नष्ट नहीं किया है जो उसको गिरफ्तार करने की नौबत आ गयी हो.उन्होंने पूछताछ के दौरान जूही के वकील के उपस्थित रहने की अपील अदालत से की . अदालत ने इस अपील को स्वीकार कर लिया है.
किन धाराओं में मामला दर्ज
जूही चौधरी के खिलाफ भी उसी धारा में मुकदमा दर्ज हुआ है जो धाराएं मुख्य आरोपी चंदना चक्रवर्ती पर लगायी गयी है. जूही पर भारती दंड विधान 420,370(5),468,117,120 बी के साथ ही जुबेनाइल एक्ट 77,80,81 के तहत मामला दायर किया गया है.
क्या कहते हैं सरकारी वकील
सरकारी वकील प्रदीप चटर्जी ने कहा है कि सीआइडी ने चंदना के साथ ही जूही के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज की थी.जांच को ध्यान में रखकर सीआइडी जूही को जिला अथवा उत्तर बंगाल से बाहर भी ले जा सकती है.