रायपुर से लौटा आकांक्षा हत्याकांड का आरोपी, उदयन को न्यायिक हिरासत
बांकुड़ा. प्रेमिका आकांक्षा शर्मा व माता-पिता की हत्या के आरोपी उदयन दास को रायपुर पुलिस (छत्तीसगढ़) ने बुधवार को बांकुडा जिला न्यायालय के सीजेएम कोर्ट में पेश किया. उदयन के माता-पिता के दोहरे हत्याकांड में उससे पूछताछ करने के लिए रायपुर पुलिस बांकुड़ा के सीजेएम कोर्ट से अनुमति लेकर अपने साथ ले गयी थी. कोर्ट […]
बांकुड़ा. प्रेमिका आकांक्षा शर्मा व माता-पिता की हत्या के आरोपी उदयन दास को रायपुर पुलिस (छत्तीसगढ़) ने बुधवार को बांकुडा जिला न्यायालय के सीजेएम कोर्ट में पेश किया. उदयन के माता-पिता के दोहरे हत्याकांड में उससे पूछताछ करने के लिए रायपुर पुलिस बांकुड़ा के सीजेएम कोर्ट से अनुमति लेकर अपने साथ ले गयी थी. कोर्ट ने उदयन को वापस बांकुड़ा लौटाने का निर्देश दिया था. सीजेएम कोर्ट ने उसकी जमानत अरजी खारिज कर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बांकुड़ा जिला जेल में भेज दिया.
अदालत सूत्रों के अनुसार, बुधवार को आकांक्षा शर्मा हत्याकांड के आरोपी उदयन दास को बांकुडा के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया. सीजेएम अरुण नंदी ने बांग्ला भाषा में उदयन से पूछा कि रायपुर में इतने दिन कैसे गुजरे? उदयन ने कहा कि अच्छी तरह से गुजरे. उदयन की जमानत के लिए उसके पक्ष से किसी भी अधिवक्ता ने अरजी नहीं दी.
कोर्ट के निर्देश पर जिला कानूनी सेवा ( डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज) संस्था ने अधिवक्ता उपलब्ध कराया. उक्त अधिवक्ता ने उसकी जमानत अरजी पेश की. सीजेएम ने जमानत अरजी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
ॉ गौरतलब है कि कि इस हत्याकांड में पुलिस रिमांड से लौटने के बाद उसके अधिवक्ता ने उसकी जमानत की अरजी सीजेएम कोर्ट में पेश की थी तथा हत्या में उसकी संलिप्तता से साफ इनकार किया था. उस समय कोर्ट में ही उदयन ने सीजेएम से कहा था कि उसने हत्या की है तथा वह इस मामले में कोई जमानत नहीं लेना चाहता है. उसके अधिवक्ता ने जब इसे पुलिस प्रताड़ना का असर कहा था तो उसने किसी भी प्रताड़ना से इनकार करते हुए स्वीकारोक्ति कहा था. इसके पहले उसने हत्या से संबंधित अपना बयान न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज करायी थी. कोर्ट परिसर में मृतका आकांक्षा शर्मा के परिजन मौजूद थे. उनके अधिवक्ता सायंतन चौधरी कोर्ट की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे. उन्होंने कहा कि उदयन की जमानत अरजी खारिज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. कोर्ट में उसकी अगली पेशी 15 मार्च को होगी. उन्होंने कहा कि वे उदयन की जमानत का विरोध करेंगे तथा कस्टडी ट्रायल की मांग करेंगे ताकि उसे जेल से बाहर निकलने का मौका नहीं मिले.
उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
इस मामले में पुलिस के वरीय अधिकारियों ने कहा कि उदयन से आवश्यक पूछताछ की जा चुकी है. उसे रिमांड पर लेकर सारे संबंधित तथ्य लिये जा चुके हैं. सीआरपीसी की धारा 164 के तहत उसने न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अपना बयान भी दर्ज करा दिया है. शीघ्र ही आरोप पत्र कोर्ट में जमा कर कस्टडी ट्रॉयल की कोशिश की जायेगी.
क्या है मामला
उल्लेखनीय कि बांकुड़ा शहर के रवींद्र सरणी इलाके के निवासी शिवेंद्र कुमार शर्मा ने विगत पांच जनवरी को बांकुड़ा सदर थाने में बेटी आकांक्षा शर्मा के लापता होने की शिकायत दर्ज करायी थी. कहा गया था कि आकांक्षा 23 जून को बांकुड़ा से दिल्ली के रास्ते यूएसए को निकली है. किंतु काफी दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. उसमें आशंका जतायी गयी थी कि साकेतनगर (भोपाल) के निवासी उदयन दास ने संभवत: उसका अपहरण कर अज्ञात स्थान पर छिपा दिया है. एक फरवरी को बांकुड़ा थाना के जांच अधिकारी कौशिक घोष के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम भोपाल के लिये रवाना हुई. भोपाल पुलिस के सहयोग से साकेतनगर स्थित उदयन के घर से उसे गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने आकांक्षा की हत्या की बात कबूल की. चबूतरे को तोड़ कर आकांक्षा का शव बरामद किया गया था. बाद में उसने स्वीकार किया था कि उसने ही रायपुर में मां-पिता की हत्या की है तथा शव बागीचे में दफना दिया है.