नियुक्ति में धांधली का मामला: आंदोलनकारी भाजपाइयों पर हुआ जानलेवा हमला मास्क गैंग ने चाकू, रॉड, डंडों से तीन को किया जख्मी

सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल डेंटल कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया में तृणमूल कांग्रेस (तृकां) की कथित धांधली के मामले में भाजपाइ आंदोलनकारियों के सामने आखिरकार प्रिंसिपल डॉ सोमेन चक्रवर्ती को झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा. दो दिनों की गैर-हाजिरी के बाद गुरुवार को अपना दफ्तर संभालते ही प्रिंसिपल को आंदोलनकारियों का सामना करना पड़ा. डॉ चक्रवर्ती […]

सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल डेंटल कॉलेज में नियुक्ति प्रक्रिया में तृणमूल कांग्रेस (तृकां) की कथित धांधली के मामले में भाजपाइ आंदोलनकारियों के सामने आखिरकार प्रिंसिपल डॉ सोमेन चक्रवर्ती को झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा. दो दिनों की गैर-हाजिरी के बाद गुरुवार को अपना दफ्तर संभालते ही प्रिंसिपल को आंदोलनकारियों का सामना करना पड़ा. डॉ चक्रवर्ती से पूरे घटनाक्रम की जांच के आश्वासन मिलने के बाद तीन दिनों से आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने धरना-प्रदर्शन हटा लिया. इसके बावजूद आंदोलकारियों का गरम मिजाज ठंडा नहीं पड़ा है.

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मामले की लिपापोती की जाती है या इस नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दुबारा पारदर्शिताके साथ नयी बहाली नहीं होती है तो भाजपा इससे भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी. भाजपा के हेल्थ एंड वेलफेयर सेल के उत्तर बंगाल इकाई के संयोजक सह अधिवक्ता चिरंजीत साहा का कहना है कि डेंटल कॉलेज में कुल 23 रिक्त पदों पर कैजुअल ऑफिसर्स स्टाप की नौकरी तृकां नेताओं की सिफारिश एवं कॉलेज प्रबंधन और इ-टेंडर कंपनी प्राइम सिक्यूरिटी के अधिकारियों के मिली भगत से ही अवैध तरीके से हुई है.

श्री साहा ने बताया कि इसी महीने के 13 फरवरी को तृकां के माटीगाड़ा अंचल कमेटी के अध्यक्ष कृष्ण सरकार ने कॉलेज प्रबंधन व इ-टेंडर कंपनी को चिट्ठी देकर अपने 10 नाते-रिश्तेदार व तृकां कार्यकर्ताओं को नौकरी देने की सिफारिश की थी. अंचल कमेटी के इस लेटर हेड में कृष्ण सरकार के अलावा तृकां के अन्य दो वरिष्ठ नेता पल्लव सरकार व हरेंद्रनाथ बर्मन के हस्ताक्षर भी हैं. श्री साहा का कहना है कि इन दसों का ही नहीं बल्कि सभी 23 रिक्त पदों पर ही तृकां के ही कार्यकर्ताओं की नौकरी हुयी है. अवैध तरीके से हुयी इस नौकरी में डेंटल कॉलेज के हेड क्लर्क फोलेन राय की सबसे बड़ी भूमिका है.

श्री साहा ने नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी को लेकर आज माटीगाड़ा थाना के मेडिकल पुलिस चौकी में तृकां के तीनों नेताओं के अलावा डेंटल कॉलेज प्रबंधन, कॉलेज के ही हेड क्लर्क फोलेन राय और इ-टेंडर कंपनी प्राइम सिक्यूरिटी के मुख्य अधिकारी जीवन राय के विरूद्ध नामजद प्राथमिकी दायर करा दी है. उन्होंने शासन-प्रशासन को धमकी देते हुए कहा कि अगर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच नहीं होती है और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती है तो भी वह चुप बैठने वाले नहीं हैं. जरूरत पड़ने पर वह कोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे और सबों को कोर्ट में घसीटेंगे. दूसरी ओर आज तड़के डेंटल कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी भाजपाइयों पर जानलेवा हमला भी हुआ. चाकू, धारदार अन्य हथियार, रड, लाठी-डंडों से लैस नकाब पोश ‘मास्क गैंग’ के नौ असामाजिक तत्वों ने आंदोनलकारियों को पीट कर जख्मी कर दिया. इनमें तीन भाजपा नेता चिरंजीत साहा, लिटन प्रमाणिक व नूर आलम बुरी तरह जख्मी हो गये. प्रदर्शनकारियों के अगुवा नेता चिरंजीत पर हमलावरों ने चाकू से भी हमला किया है. इस हमले में उनके सीने के दायी ओर की एक हड्डी टूटने की भी पुष्टि हुई है.

सुबह में ही जख्मी तीनों नेताओं का उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इलाज कराया गया. साथ ही अज्ञात हमलावरों के विरूद्ध मेडिकल पुलिस चौकी में मामला भी दायर कराया गया है. इस घटना की सूचना पाते ही भाजपा के जिला नेतत्व सिलीगुड़ी इकाई के अध्यक्ष प्रवीण सिंहल (अग्रवाल), महासचिव अभिजीत राय चौधरी, डॉ विश्वजीत घोष व अन्य नेता डेंटल कॉलेज पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जख्मी चिरंजीत, लिटन व नूर आलम का हालचाल लिया.

श्री सिंहल का कहना है कि भाजपा द्वारा चार दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन व आंदोलन से तृकां बौखला गयी है. प्रदर्शनकारियों का हौसला पस्त करने और आंदोलन से लोगों का ध्यान हटाने के लिए ही अवैध नियुक्त प्रक्रिया में शामिल तृकां नेताओं ने ही अपने गुर्गों से भाजपाइयों पर यह जानलेवा हमला कराया है. उन्होंने बताया कि हमले की घटना के दौरान धरना-प्रदर्शन में जख्मी तीनों नेताओं के अलावा अन्य चार भाजपा कार्यकर्ता सुब्रत दत्त, धनेश्वर सिंह, विकास राय व तापस मंडल भी मौजूद थे.

पूरे मामले की होगी उच्चस्तरीय जांच

उत्तर बंगाल डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सोमेन चक्रवर्ती ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच का आश्वासन दिया है. उनका कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी की उन्हें न तो कोई जानकारी है और न ही इससे उनका कोई लेना-देना है. इसका खुलासा होने पर पहले ही वह इसकी जानकारी और जरूरी कागजात स्वास्थ्य विभाग व अन्य संबंधित विभाग को दे चुके हैं. डॉ चक्रवर्ती ने कहा कि उच्चस्तरीय जांच जल्द शुरु करने के लिए वह संबंधित विभागों के आलाधिकारियों से गुजारिश भी करेंगे.

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