छह फरवरी 2007 को सिंगूर में इंजीनियर व उसके चालक की हत्या का मामला
हुगली. दस वर्ष पहले सिंगूर थाना एवं दादपुर थाना की सीमा क्षेत्र के पास स्थित सड़क के किनारे इंजीनियर ज्योति प्रकाश विश्वास और उनके चालक कंचन दास की हत्या कर दी गयी थी.
हत्या के छह आरोपियों को गुरुवार को चंदननगर कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज बीके वैरा ने दोषी करार दिया. अभियुक्तों के नाम प्रणव बर, गोविंद साह, सुखलाल सैन, देवाशीष विश्वास, तापस कर्मकार और सुप्रिय मल्लिक हैं. हालांकि कोर्ट ने अभियुक्तों की सजा पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया. इन्हें शुक्रवार को सजा सुनायी जायेगी. यह जानकारी सरकारी वकील सुशांत सिंह गुप्ता ने दी.
दुर्गापुर निवासी ज्योति प्रकाश विश्वास हरिपाल में स्थित हिमाद्री केमिकल्स फैक्टरी में इंजीनियर थे. पांच फरवरी 2007 को काम खत्म कर वह अपनी कार से घर के लिए निकले. दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे पहुंचने पर एक गाड़ी उनकी कार का पीछा करने लगी. उसमें सवार अपराधियों ने बर्दवान पल्ला रोड पर इंजीनियर की गाड़ी रोक दी और लूटपाट करने लगे. इसके बाद इंजीनियर और उनकी कार के चालक हत्या कर दी. फिर इंजीनियर की कार लेकर फरार हो गये.
मृतकों के परिजनों ने दुर्गापुर स्थित अरविंद थाना में घटनावाली रात ही दोनों के लापता होने की शिकायत दर्ज करायी थी. छह फरवरी की सुबह सिंगूर थाना और दादपुर थाना के बॉर्डर पर सड़क किनारे दोनों के शव बरामद हुए. शवों की शिनाख्त होने के बाद परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज कराया. इसके बाद सीआइडी को जांच का जिम्मा सौंपा गया. सीडीआइ ने सबसे पहले प्रशांत अधिकारी को गिरफ्तार किया, जो अभियुक्तों की गाड़ी चला रहा था. उसने पूछताछ में सभी के नाम उगल दिये. सीआइडी ने प्रशांत को सरकारी गवाह बना लिया. इसलिए उसे रिहा कर दिया.
