कोलकाता: विधाननगर अदालत ने तृणमूल के निलंबित सांसद कुणाल घोष मामले में दमदल जेल के अधीक्षक (सुपर) को कारण बताओ नोटिस दिया है. अदालत ने सुपर से जानना चाहा है कि सारधा घोटाले में गिरफ्तार सांसद घोष से गुप्त बयान लेने के अदालती निर्देश के बावजूद उन्हें दमदम जेल से हावड़ा पुलिस कैसे ले गयी.
उन्हें क्यों गुप्त बयान के लिए अदालत में नहीं लाया गया. 29 नवंबर को विधाननगर अदालत ने निर्देश दिया था कि सारधा घोटाले में गिरफ्तार कुणाल दो दिसंबर को गुप्त बयान देंगे, लेकिन अगले दिन ही हावड़ा पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर दमदम जेल से ले गयी. इसके लिए गुरुवार को विधाननगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दमदल जेल सुपर को शोकॉज किया है. ये बातें कुणाल घोष के वकील सौम्यजीत राहा ने बतायी. अदालत ने 29 नवंबर को यह अनुमति दी थी. 13 फरवरी को इस मामले की फिर सुनवाई होगी.
कुणाल घोष के गुप्त बयान की अनुमति पर स्थगनादेश उच्च न्यायालय से 13 तारीख तक सरकारी पक्ष को लाना होगा. दूसरी ओर, सारधा कांड में गिरफ्तार सुदीप्त सेन व देवयानी का केंद्रीय कंपनी मामलों के अधीनस्थ संस्था एसएफआइ से पूछताछ के आवेदन को अदालत ने स्वीकार कर लिया है, लेकिन अदालत का कहना है कि यह पूछताछ अभियुक्त के वकील की उपस्थिति में ही करनी होगी.
11 को जुलूस निकालेगी विरोधी संस्था
चिटफंट संस्थाओं के आरोपियों को सजा देने की मांग पर एक मंच का गठन हुआ है. इस संगठन की ओर से कहा गया है कि सारधा की संपत्ति जब्त करने, क्षतिपूर्ति की मांग व सारधा कांड की सीबीआइ जांच की मांग पर 11 दिसंबर को जुलूस निकाला जायेगा. इस जुलूस में लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी, तरुण मजूमदार, शमीक बंद्योपाध्याय आदि को शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजा गया है.
कुणाल के लिए अलग सीट की मांग
तृणमूल कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के अध्यक्ष हामिद अंसारी से आग्रह किया है कि पार्टी के निलंबित सांसद कुणाल घोष को अलग सीट दी जाये. कुणाल अभी सारधा घोटालाकांड में गिरफ्तार हैं. पार्टी के एक सांसद ने कहा : तृणमूल संसदीय दल ने राज्यसभा के अध्यक्ष को पत्र लिखा है कि घोष को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. अध्यक्ष से सदन में तृणमूल सदस्यों के समूह से अलग उनकी सीट की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है.
