रेलवे को जमीन देनेवालों को नौकरी

हुगली: डानकुनी से फुरफुरा शरीफ तक चल रहे रेल पटरियों के विस्तार कार्य के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्य का जायजा लेने शनिवार को रेल राज्य मंत्री अधीर चौधरी फुरफुरा शरीफ पहुंचे. इस दौरान मंत्री के साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों सहित पीर टोहा सिद्दीकी भी थे. गौरतलब है कि फुरफुरा शरीफ मुसलिम बहुल इलाका […]

हुगली: डानकुनी से फुरफुरा शरीफ तक चल रहे रेल पटरियों के विस्तार कार्य के लिए जमीन अधिग्रहण के कार्य का जायजा लेने शनिवार को रेल राज्य मंत्री अधीर चौधरी फुरफुरा शरीफ पहुंचे.

इस दौरान मंत्री के साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों सहित पीर टोहा सिद्दीकी भी थे. गौरतलब है कि फुरफुरा शरीफ मुसलिम बहुल इलाका है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहने के दौरान उन्होंने डानकुनी से फुरफुरा शरीफ तक रेल लाइन के विस्तार की घोषणा की थी. लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी गति से चलने की वजह से अब तक लाइन के विस्तार का कार्य शुरू नहीं हो सका है. शनिवार को रेल राज्य मंत्री इस अधिग्रहण कार्य का जायजा लेने यहां पहुंचे.

अधिग्रहण की प्रक्रिया काफी धीमी
संवाददाताओं से बातचीत में अधीर चौधरी ने कहा कि जमीन अधिग्रहण की कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रही है. उन्होंने बताया कि जब तक रेलवे लाइन के विस्तार के लिए 70 फीसदी जमीन नहीं मिल जाती, तब तक आगे का कार्य शुरू नहीं किया जायेगा. उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए रेलवे को करीब 226 एकड़ जमीन चाहिए, लेकिन अब तक रेलवे को करीब 55 फीसदी ही जमीन मिली है. उन्होंने बताया कि जमीन देनेवाले परिवार में से उपयरुक्त एक सदस्य को रेलवे में नौकरी दी जयेगी. उन्होंने बताया कि अब तक कुल 473 लोगों ने जमीन दी है. इनमें से करीब 115 लोगों को रेलवे में नौकरी मिल चुकी है. शेष बचे लोगों को न्यायिक प्रक्रिया अथवा अन्य कारणों से अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है.

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