कोलकाता: विधानसभा में वाम मोरचा के विरोध के बाद राज्य सरकार ने राज्य में सांप्रदायिकता सद्भाव बनाये रखने तथा मनरेगा में केंद्र सरकार की ओर से परिवर्तन के खिलाफ सदन में इस पर प्रस्ताव लाने को राजी हो गयी है. इस प्रस्ताव पर सत्तारूढ़ दल व वाम मोरचा दोनों ही समर्थन की बात कही है. इस तरह अब विधानसभा में भी भाजपा के खिलाफ दोनों पक्षों के बीच लामबंद होने की कवायद शुरू हो गयी है.
गुरुवार को विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया जायेगा. बुधवार को भोजनावकाश के बाद विधानसभा में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट पेश की गयी. इस रिपोर्ट के प्रस्ताव में कहा गया है कि सत्तापक्ष की ओर से अकेले ही प्रस्ताव लाया जा रहा है. विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ सूर्यकांत मिश्र ने इसका विरोध किया तथा भूमि सुधार संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान वाम मोरचा के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दिया. वाम विधायकों की नारेबाजी लगभग 20 मिनट तक चली.
इस बीच, डॉ मिश्र ने सर्वदलीय बैठक का प्रस्ताव दिया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष व संसदीय मंत्री पार्थ चटर्जी ने स्वीकार कर लिया. बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विधानसभा के अध्यक्ष के कक्ष में सर्वदलीय बैठक हुई. इस बैठक में सत्तारूढ़ दल व वाम मोरचा ने मनरेगा में जिलों की कटौती व राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव पर प्रस्ताव लाने पर सहमत हो गये. इस प्रस्ताव पर दोनों दल समर्थन करेगा. इसके साथ ही गुरुवार को अंडाल एयरपोर्ट का नाम काजी नजरूल के नाम पर रखने के लिए भी प्रस्ताव लाया जायेगा.
