कोलकाता: कोल उद्योग की सभी राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिल कर 24 नवंबर को कोल इंडिया व उसके अनुषंगी कंपनियों के खदान व कार्यालय में हड़ताल का आह्वान किया है. हड़ताल को सफल बनाने के लिए यूनियनों ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है.
शुक्रवार को महानगर में कोल उद्योग के ज्वायंट एक्शन कमेटी ऑफ सेंट्रल ट्रेड यूनियन के कोलकाता क्षेत्र के नेताओं ने आपस में बैठक की और बंद के प्रति कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित करने का फैसला किया है.
इसकी जानकारी देते हुए इंटक समर्थित राष्ट्रीय कोल मजदूर संघ के अध्यक्ष दिलीप गुहा मजूमदार ने बताया कि पिछले दिनों केंद्रीय ट्रेड यूनियन व कोल मंत्रलय के बीच बैठक हुई थी, जो विफल रही थी. इसके बाद ही सभी यूनियनों ने मिल कर हड़ताल का आह्वान किया है. आगामी 17 से 21 नवंबर तक ज्वायंट एक्शन कमेटी द्वारा कोल इंडिया मुख्यालय के साथ-साथ महानगर के विभिन्न कोल इंडिया के अनुषंगी कंपनी के कार्यालय व डानकुनी कोल कॉम्पलेक्स में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सभी कार्यालयों में जुलूस व सभा आयोजित की जायेगी.
गौरतलब है कि कोयला क्षेत्र के निजीकरण की कोशिश के लिए कोल इंडिया के श्रमिक संगठनों ने यह हड़ताल बुलाया है. श्री मजूमदार ने कहा कि कोयला यूनियनों ने कोयला मंत्रलय से कंपनी के निजीकरण का प्रयास छोड़ने और सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया में और विनिवेश बंद करने की मांग की है.
इंटक, सीटू, एआइटीयूसी और एचएमएस सहित यूनियनों ने निजी कंपनियों को वाणिज्यिक खनन की सुविधा देने वाले उपबंध को रद्द करने और कोल इंडिया में और विनिवेश व इसके पुनर्गठन का काम रोकने की मांग की है. इस बैठक में इंटक समर्थित आरसीएमएस की ओर से विवेक सेनगुप्ता, अनंत दास, दीपक बनर्जी, पार्थ मुखर्जी, अनूप बसु, पीयूश दासगुप्ता व डीसीसी से आरसीएमएस के पार्थ सारथी राय उपस्थित रहे. वहीं, सीटू समर्थित कोल यूनियन के श्यामल दत्ता, सुखप्रिय चक्रवर्ती, दीनानाथ चक्रवर्ती, भैरव घोष, बुद्धदेव सामंत व अरुणालोक बनर्जी मौजूद थे.
