एक लिखित शिकायत में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि एक गैर सरकारी विदेशी बैंक में काम करने के दौरान 2007 के फरवरी में उनकी मुलाकात शायंतन के साथ हुई थी.
कुछ ही दिनों में यह मुलाकात प्यार में बदल गयी, जिसके बाद दोनों ने शादी करने का निर्णय किया. 2008 में दोनों ने शादी की, जिसके बाद से वह शायंतन के साथ प्रिंस अनवर शाह रोड स्थित फ्लैट में शायंतन के परिवार के साथ रहने लगी. पीड़िता ने शिकायत में पुलिस को बताया कि शादी के कुछ दिन बाद ही उसके पति का उसके प्रति प्यार में बदलाव आ गया.
वह उससे आये दिन झगड़ा करने लगा. इसके बाद से हर तीन महीने के अंतराल पर उससे पचास हजार रुपये मांगे जाते रहे. विवाह के दौरान रुपये, ज्वेलरी व अन्य सामान देने के बावजूद मांग का सिलसिला जारी रहा. विवाह में घटिया किस्म का सामान देने का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की जाने लगी. उसके पिता का एक ही फ्लैट है. वह भी पति ने अपने नाम करने की मांग रखी. इन सब का विरोध करने पर उसके साथ शारीरिक तौर पर अत्याचार किया जाने लगा. बर्दाश्त की सीमा खत्म होने के बाद अंत में उन्होंने थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि इस तरह के मामलों में जांच खत्म ना होने तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कारण किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है.
