कोलकाता: कॉल सेंटर के जरिये भारत में बैठ कर विदेशियों को ठगनेवाले एक गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने शनिवार को धर दबोचा.
इस गिरोह को सॉल्टलेक स्थित एक ठिकाने से दबोचा गया. ये लोग सूचना प्रौद्योगिकी संस्था के नाम पर ठगी का कारोबार चला रहे थे. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र सहित कई धाराओं में विधाननगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. विधाननगर अदालत में गिरफ्तार व्यक्तियों में से चार को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. बाकी तीन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का निर्देश दिया गया. कैसे करते थे ठगी
ये एंटी वायरस सॉफ्टवेयर तैयार करनेवाली कंपनी का प्रतिनिधि बन कर कॉल सेंटर के जरिये विदेश में लोगों को फोन करके उन्हें उनके कंप्यूटर में वायरस होने की बात कहते थे और वायरस से निजात दिलाने के नाम पर वहां के लोगों से रुपये ऐंठते थे. इन लोगों ने इंग्लैंड की कई संस्थाओं के कर्मचारियों के साथ ठगी की थी. रुपये लेनदेन के लिए इंगलैंड के दक्षिण एशिया के प्रवासियों का अकाउंट नंबर दिया जाता था. इस अकाउंट में आर्थिक लेनदेन के बाद कमीशन काट कर यहां के इन ठगों को बाकी रुपये भेजे जाते थे. पता चला है कि बैंक के मार्फत यह मामला पहले विधाननगर पुलिस के खुफिया विभाग की नजर में आया.
दूसरे राज्यों में भी फैला है जाल
पता चला है कि पकड़े गये लोगों में कोलकाता व दूसरे राज्यों के लोग थे. पुलिस इनसे इनके जाल के विस्तार पर पूछताछ कर रही है. हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि दूसरे देश से ‘गेटवे’ के माध्यम से पैसा आने पर सुरक्षा एजेंसियां क्यों सतर्क नहीं हुई. समूचे लेनदेन में हवाला के बिंदु की भी जांच की जा रही है.
