कोलकाता. आखिरकार तृणमूल कांग्रेस सांसद तापस पाल के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर लिया गया. कलकत्ता हाइकोर्ट के निर्देश पर सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
नदिया के एसपी अर्णब घोष ने कहा कि कृष्णानगर की एक जनसभा में विवादास्पद टिप्पणी करने के सिलसिले में सांसद के विरुद्ध नकाशीपारा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
प्राथमिकी भादसं की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गयी है. हाइकोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति निशिथा म्हात्रे ने पाल की टिप्पणी को लेकर 25 सितंबर को 72 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने एवं उसकी सीआइडी जांच करने का आदेश दिया था. नक्कासीपाड़ा थाने में तापस पाल के खिलाफ की गयी शिकायत को ही एफआइआर के तौर पर माना गया है. धारा 504, 505, 506 व 509 के तहत तापस पाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
उल्लेखनीय है कि तापस पाल ने विरोधियों और महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. मामला अदालत तक पहुंचा. कलकत्ता हाइकोर्ट की एकल पीठ ने एफआइआर दर्ज कर सीआइडी जांच के लिए कहा था. फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती दी गयी. डिवीजन बेंच में अलग-अलग जजों ने अलग-अलग फैसला दिया. मुख्य न्यायाधीश ने मामला तीसरे जज के पास भेजा. यहां भी एफआइआर दर्ज कर सीआइडी जांच का आदेश दिया गया. पाल के खिलाफ एक मामले में गैरजमानती धारा लगायी गयी है.
