कोलकाता:यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को हजारों छात्र सड़क पर उतर आये. दोपहर दो बजे बारिश के बीच विद्यार्थियों का जुलूस नंदन से शुरू हुआ और मेयो रोड तक गया. यादवपुर विवि के विद्यार्थियों के साथ ही एकजुटता दिखाते हुए प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय, कलकत्ता विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्र मार्च में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस, यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति अभिजीत चक्रवर्ती व तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. मार्च की वजह से शहर में यातायात व्यवस्था खासा प्रभावित हुई. जुलूस मेयो रोड स्थित गांधी प्रतीमा तक पहुंचा.
राज्यपाल से मिले छात्र
बाद में छात्रों के सात प्रतिनिधियों ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात की. राज्यपाल जेयू के कुलाधिपति भी हैं. एक घंटे से अधिक देर तक चली बैठक में राज्यपाल ने छात्रों की शिकायतों को ध्यान से सुना. उन्होंने छात्रों को अनुशासन बनाये रखने और सोमवार से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल स्थापित करने की सलाह दी. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में छात्र प्रतिनिधियों ने दावा किया कि राज्यपाल ने मामले में जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है. आगे की रणनीति पर सोमवार को दोपहर 12 बजे यादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों की जनरल बॉडी मीटिंग होगी. शनिवार को ही गोलपार्क से जेयू तक एक और जुलूस छात्रों ने निकाला था. किसी भी हालत में अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं करने की बात करते हुए शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा था कि गतिरोध का बातचीत से समाधान किया जा सकता है.
मंत्री ने कहा है कि कुलपति ने घेराव को समाप्त करवाने और विश्वविद्यालय की संपत्ति की रक्षा के लिए पुलिस की मदद मांगी थी. जेयू के छात्रों पर लाठीचार्ज के आरोपों का खंडन करते हुए कोलकाता पुलिस आयुक्त सुरजीत कार पुरकायस्थ ने 18 सितंबर को कहा कि हालात और खराब हो सकते थे अगर पुलिस ने हस्तक्षेप नहीं किया होता क्योंकि सशस्त्र उपद्रवियों के परिसर के भीतर घूसने की खबरें थीं. उधर, यादवपुर विश्वविद्यालय की घटना को लेकर नयी दिल्ली में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्र जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए और विश्वविद्यालय में पुलिस बुलाने के लिए कुलपति की आलोचना की.
क्या है मामला
गौरतलब है कि जेयू के छात्रों ने कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर कक्षाओं का बहिष्कार किया है. 28 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर के भीतर एक छात्र का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किये जाने की घटना की नये सिरे से एक समिति से जांच कराने की मांग को लेकर छात्रों ने 16 और 17 सितंबर की दरम्यानी रात को कुलपति, रजिस्ट्रार और कार्यकारिणी परिषद के अन्य सदस्यों का घेराव किया था. कुलपति ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है और उन्होंने पुलिस को बुलाया. पुलिस ने 17 सितंबर को तड़के घेराव समाप्त करने के लिए हस्तक्षेप किया था और 35 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया. कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उस रात परिसर के भीतर पुलिस ने कथित तौर पर उनकी बर्बर पिटाई की.
