कोलकाता. भाजपा सांसद और भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार मनोज तिवारी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही भोजपुरी आयोग का गठन करेगी.
उन्होंने कहा कि केंद्र भोजपुरी भाषा के विकास के लिए एक बड़ी कार्ययोजना पर काम कर रहा है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए पहल की है. उम्मीद है अगले वर्ष तक भोजपुरी आयोग का गठन हो जाये. सरकार प्रयास कर रही है कि भोजपुरी राजभाषा की 8वीं अनुसूची में भी शामिल हो जाये. इससे न केवल भोजपुरी का विकास होगा, बल्कि भोजपुरी साहित्य को बढ़ावा मिलेगा. भाजपा सांसद ने कहा कि भोजपुरी मॉरीशस, फिजी, सुरीनाम, टोबाको और गयाना सहित छह देशों में द्वितीय भाषा के तौर पर बोली जाती है.
उन्होंने बताया कि भोजपुरी मात्र एक भाषा या बोली नहीं, बल्कि यह एक संस्कृति भी है. भोजपुरी भाषा के प्रति हमारी सरकार की मंशा का खुलासा उसी दिन हो गया था जब चुनाव प्रचार के दौरान पांच शहरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में ही अपने भाषण की शुरुआत की थी.
इस दौरान उन्होंने यह बताते हुए खुशी जाहिर की कि अभी दस दिन पहले यूपी सरकार ने हिंदी और उर्दू अकादमी की तर्ज पर भोजपुरी अकादमी का गठन किया. इससे निश्चय ही भोजपुरी का विकास होगा. लोगों के संघर्ष को यूपी सरकार ने पहचाना और भोजपुरी अकादमी की स्थापना की. इसके लिए यूपी के सीएम को धन्यवाद देता हूं.
आयोग से क्या होगा लाभ
उन्होंने कहा कि भोजपुरी को आज तक उचित सम्मान नहीं मिला, लेकिन भोजपुरी आयोग बनने से विश्व भर के भोजपुरी भाषी राष्ट्रों को एक मंच पर लाया जा सकेगा. करोड़ों लोग भोजपुरी को बोल चाल की भाषा के रूप में इस्तेमाल करते हैं. भोजपुरी संस्कृति व भाषा के विकास के लिए देशभर में सैकड़ों संस्थाएं कार्य कर रही हैं. इन संस्थाओं को भोजपुरी आयोग के माध्यम से केंद्र सरकार सहयोग व प्रोत्साहन देना चाहती है.
