चटर्जी इंटरनेशनल बिल्डिंग में आग

कोलकाता: पार्क स्ट्रीट के पास चौरंगी रोड स्थित चटर्जी इंटरनेश्नल बिल्डिंग में मंगलवार सुबह अचानक आग लगने से अफरातफरी का माहौल व्याप्त हो गया. इमारत में आग सुबह आठ बजे के करीब इमारत के 15वें तल्ले में स्थित एक सीमेंट कंपनी के दफ्तर में लगी थी. इमारत के 21 वें तल्ले में मौजूद रमेश चंद्र […]

कोलकाता: पार्क स्ट्रीट के पास चौरंगी रोड स्थित चटर्जी इंटरनेश्नल बिल्डिंग में मंगलवार सुबह अचानक आग लगने से अफरातफरी का माहौल व्याप्त हो गया.

इमारत में आग सुबह आठ बजे के करीब इमारत के 15वें तल्ले में स्थित एक सीमेंट कंपनी के दफ्तर में लगी थी. इमारत के 21 वें तल्ले में मौजूद रमेश चंद्र बेहरा ने बताया कि सुबह आठ बजे के करीब 15वें तल्ले में स्थित 12 नंबर रूम के अंदर से सुबह आठ बजे के करीब अचानक तेज धुआं निकलते देखा गया.

कुछ ही देर में तेज धुआं आग की लपटों में तब्दील हो गया. आग की भयावहता इतनी थी कि देखते ही देखते आग 16वें तल्ले के 12 नंबर रूम तक फैल गयी. दमकल विभाग के मुताबिक सुबह 8.15 के करीब आग लगने की खबर मिलने के साथ दस मिनट के अंदर 8.25 के करीब दमकल के चार इंजन मौके पर पहुंच गये. इसके बाद आग की भयावहता देखते हुए एक के बाद एक कुल 21 इंजन मौके पर पहुंचे. 15वें तल्ले पर आग लगने की खबर पाकर दमकल विभाग के दो लैडर को मौके पर लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गयी. लेकिन इसी बीच 24 मंजिली इस इमारत में 21वें तल्ले में मौजूद सात लोग आग में फंस गये. जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अन्य दो हाइड्रोलिक लैडार भी लाये गये, लेकिन तब तक कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप के लोगों के अलावा सिविल डिफेंस के लोग भी मौके पर पहुंच कर फंसे लोगों को सीढ़ियों से सुरक्षित बाहर बाहर निकाला लिया. दमकल विभाग के मुताबिक, आग से 15वें तल्ले व 16वें तल्ले में स्थित 10 से 12 नंबर के दफ्तरों के अंदर धुआं भर गया. किसी तरह धुएं को बाहर निकाला गया. आग में फंसे चार व्यक्ति दमघोंटू धुएं में पड़कर बीमार हो गये. इसमें एक दमकलकर्मी भी शामिल है. इसमें दो को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत घर भेज दिया गया. जबकि सौरव दास व विश्वजीत नस्कर चार घंटे तक इलाज के बाद उन्हें घर भेजा गया.

सीइएससी ने उठाये कदम
चटर्जी इंटरनेशनल बिल्डिंग में आग लगने की घटना के सिलसिले में सीइएससी की ओर से बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि सुबह करीब नौ बजे लगी इस आग के बाद सुरक्षा के कारणों के चलते तथा दमकल के सुझाव पर इस 22 मंजिला इमारत के बिजली के कनेक्शन को तुरंत काट दिया गया था. अधिकारियों की हरी झंडी के बाद बिजली व्यवस्था फिर जोड़ दी जायेगी.

लापरवाही के सबूत मिलने पर होगी कार्रवाई : जावेद खान
महानगर में जब भी कहीं बड़ी इमारतों में आग लगी है, उसके बाद ही जांच में उसके अंदर लापरवाही का नजारा सामने आता है. मंगलवार को चौरंगी रोड के चटर्जी इंटरनेशनल इमारत के पास लगी आग की घटना के बाद भी कुछ इस तरह का खुलासा हुआ. दमकल मंत्री जावेद खान के मुताबिक घटना के पीछे जुड़े लापरवाही की जांच की जा रही है. सुरक्षा में लापरवाही बरतने के सबूत मिलने पर कार्रवाई होगी. दमकल विभाग के कर्मी जब वहां पहुंचे और इमारत के अंदर बने 15 लाख लीटर क्षमता वाले रिजर्वर से पानी निकालने की कोशिश की, रिजर्वर पूरा खाली था.

जिसके कारण उन्हें आग बुझाने में काफी दिक्कतें आयी. दमकल कर्मियों का कहना है कि सबसे पहले उन्होंने रिजर्वर में पूरा पानी भरा, इसमें काफी समय चला गया. इसके बाद इमारत में बने अग्निशमन पाइप की मदद से उपर के इमारत में पानी ले जाकर आग बुझाना शुरू किया. दमकल कर्मियों का कहना है कि आग लगने के पहले दफ्तर से निकले धुएं के समय अगर इमारत की स्मोक डिटेक्टर यंत्र काम करती तो आग पर काबू पहले हीं पाया जा सकता था. कर्मियों का कहना है कि यह भी हो सकता है कि स्मोक डिटेक्टर मशीन ने काम किया हो, लेकिन रिजर्वर में पानी नहीं होने के कारण पानी नहीं निकली हो. इसके कारण इसका कनेक्शन भी रिजर्वर के पानी के कारण बंद पड़ा रहा. दफ्तरों में काम करने वाले कर्मी बताते है कि इस इमारत में सिगरेट पीने में पाबंदी लगी है. लेकिन लोग सिगरेट खुलेआम पीते थे. आग लगने के बाद पूरे मकान से सिर्फ जले सिगरेट का पानी के साथ बाहर निकलना इसका सबूत है कि लोग इस इमारत में खुलेआम सिगरेट पिया करते थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >