कोलकाता. मॉरिशस अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है, इसलिए हिंद महासागर के इस द्वीपों के देश में साल भर विदेशी सैलानियों का जमावड़ा लगा रहता है.
इनमें भारतीयों की भी अच्छी खासी संख्या होती है. मॉरिशस टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमटीपीए) को उम्मीद है कि इस वर्ष लगभग 60 हजार भारतीय पर्यटक उनके देश की सैर करने जायेंगे, जो पिछले वर्ष की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक होगा. एमपीटीए के डिप्टी डायरेक्टर विजय हालदार ने बताया कि पिछले वर्ष भारत से 58 हजार भारतीय सैलानी मॉरिशस की सैर पर गये थे.
एमटीपीए के कंट्री मैनेजर विवेक आनंद ने बताया कि पिछले वर्ष एक मिलियन विदेशी पर्यटक मॉरिशस गये थे. मॉरिशस जानेवाले पर्यटकों में अधिक संख्या यूरोपीय नागरिकों की होती है. भारत से मॉरिशस जानेवाले पर्यटकों में 10 प्रतिशत बंगाल के पर्यटक होते हैं. अधिक दक्षिण व पश्चिम भारतीय पर्यटक मॉरिशस जाते हैं. भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एमपीटीए ने देश के चार महानगरों चंडीगढ़, चेन्नई, हैदराबाद व कोलकाता में रोड शो का आयोजन किया है. श्री आनंद ने कहा कि पर्यटन के लिए भारत हमारे लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्केट है.
हमें उम्मीद है कि इस वर्ष हमने लक्ष्य को पूरा कर लेंगे. श्री आनंद ने बताया कि आमतौर पर भारतीय पर्यटक छुट्टी के अवसर पर सैर के लिए निकलते हैं, पर हाल के दिनों में भारतीयों में मॉरिशस जा कर शादी रचाने की चाहत में इजाफा हुआ है. एयर मॉरिशस के मैनेजर (भारत व दक्षिण एशिया) विनीथ ने बताया कि एयर मॉरिशस मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली व चेन्नई से उड़ान भरती है. बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक मॉरिशस जाते हैं, पर कोलकाता से एयर मॉरिशस की कोई उड़ान नहीं है, क्योंकि सरकार से इसकी इजाजत नहीं मिली है.
