सिंडिकेट के खिलाफ पेपर मिल मालिक की धमकी

दुर्गापुर: खायरासोल स्थित बोगलामुखी स्टील प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक संजय राय ने सोमवार को राज्य मुख्यालय में श्रम मंत्री मलय घटक से मुलाकात की तथा कारखाना निर्माण में आ रही परेशानियों से अवगत कराया. मंत्री श्री घटक ने कहा कि श्री राय ने अड्डा से अतिरिक्त जमीन की मांग की है. सोमवार तक अन्य […]

दुर्गापुर: खायरासोल स्थित बोगलामुखी स्टील प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक संजय राय ने सोमवार को राज्य मुख्यालय में श्रम मंत्री मलय घटक से मुलाकात की तथा कारखाना निर्माण में आ रही परेशानियों से अवगत कराया.

मंत्री श्री घटक ने कहा कि श्री राय ने अड्डा से अतिरिक्त जमीन की मांग की है. सोमवार तक अन्य मुद्दों पर चर्चा की जायेगी. श्री राय ने बताया कि वे मूलत: रानीगंज के निवासी हैं तथा इंदौर में उनकी कई औद्योगिक इकाइयां स्थित हैं. राज्य के निवासी मित्रों के आग्रह पर वर्ष 2011 में उन्होंने क्वालिटी पेपर उत्पादन का कारखाना लगाने का निर्णय लिया. तीन एक ड़ जमीन पर 20 करोड़ रुपये का निवेश होगा तथा साढ़े चार सौ कर्मियों को नियोजन मिलेगा. लेकिन सत्तासीन पार्टी के सिंडिकेटके दबाव के कारण उन्हें उद्योग लगाने में काफी परेशानी हो रही है. लागत की राशि भी बढ़ रही है. संबंधित अधिकारियों से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है. इसके बाद वे सोमवार को श्रम मंत्री से मिलने कोलकाता जा पहुंचे. ढाई घंटे इंतजार कराने के बाद भी उन्हें श्री घटक से मिलने का मौका नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने आक्रोश जताया. खयरासोल स्थित बोगलामुखी स्टील कारखाना को पिछले एक वर्ष से पेपर मिल के रूप में रूपांतरित करने के लिए उपकरण लगाये जा रहे हैं. लेकिन इलाके के तृणमूल के कुछ छुट्टभैया नेता सिंडिकेट बना कर कारखाना के निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्रियों को सप्लाई देने के लिए दबाव बना रहे हैं.

एवं कारखाना प्रबंधन को प्रताड़ित कर रहे हैं.

सिंडिकेट राज के खिलाफ प्रबंधन ने की शिकायत

कारखाना के मैनेजर अजय सिंह का कहना है कि सिंडिकेट राज के खिलाफ प्रबंधन ने श्रम मंत्री से शिकायत की है. सिंडिकेट चलाने वाले निर्माण कार्य के लिए माल सप्लाई देने का दबाव बना रहे हैं. सिंडिकेट चलाने के आरोपी बाप्पा श्याम ने कहा कि कारखाने में तृणमूल के नाम पर सिंडिकेट नहीं चल रहा है. स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं ने निर्माण कार्य के लिए माल सप्लाई की थी और जब बकाया मांग रहे हैं तो कारखाना प्रबंधन सिंडिकेट के नाम पर तृणमूल को बदनाम करने की साजिश रच रहा है.

मालिक का क्या कहना है

मालिक संजय राय का कहना था कि सरकारी अधिकारियों का रवैया भी निवेश विरोधी है और वे निवेश करने के बजाय प्रस्ताव वापस लेने का निर्णय लेंगे. इसके बाद उन्होंने ऑफिस से बाहर निकलना चाहा. इसके बाद अधिकारियों ने उनकी मुलाकात मंत्री श्री घटक से करायी. मंत्री से मिल कर लौटने के बाद उन्होंने कहा कि श्री घटक ने उन्हें हर मदद का आश्वासन दिया है. लेकिन उन्हें पूरा विश्वास नहीं है कि माहौल सकारात्मक होगा. फिर भी वे इंतजार करेंगे. मंत्री के स्तर से जो भी प्रयास हो, जमीनी स्तर पर तथा अधिकारियों के स्तर से माहौल प्रतिकूल हैं.

श्रम मंत्री मलय घटक का कहना है

इधर, श्रम मंत्री ने कहा कि श्री राय बिना एप्वाइंटमेंट के आये थे. राज्य सरकार से उनकी कोई शिकायत नहीं थी. उनका उद्योग तीन एक ड़ जमीन पर है. उन्होंने अड्डा से अतिरिक्त जमीन की मांग की है. इसका पत्र भी उन्होंने सौंपा है. सोमवार तक उनकी अन्य समस्याओं के समाधान की कोशिश होगी. उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां राज्य में उद्योगविरोधी माहौल बना रही हैं. लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलेगी.

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