कोलकाता: अपने व अपने बच्चों के साथ समाज में होनेवाले भेदभाव के खिलाफ स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यौनकर्मियों ने प्रदर्शन किया. भेदभाव के खिलाफ अपनी नाराजगी प्रकट करने के लिए लगभग एक हजार यौनकर्मियों ने गुरुवार को महागनर में रैली निकाली.
यौनकर्मियों का आरोप है कि देश की आजादी के 67 वर्ष के बाद भी उनके बच्चों को किसी तरह का अधिकार नहीं मिल रहा है. रैली का आयोजन दुर्बार महिला समन्वय कमेटी व आमरा पदोतिक नामक स्वयंसेवी संस्थाओं ने किया था. रैली भारत के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया सोनागाछी से शुरू होकर कॉलेज स्ट्रीट में समाप्त हुई. दुर्बार महिला समन्वय कमेटी की एक सदस्य ने कहा कि यह वास्तविक अर्थ में आजादी नहीं है.
आजादी के इतने साल गुजरने के बावजूद अब तक हमारे बच्चों को शिक्षा व अपने कौशल को विकसित करने का कोई मौका नहीं मिलता है. उनका कसूर केवल यह है कि वह यौनकर्मियों के बच्चे हैं. यह सरासर नाइंसाफी है. हम लोग अपने बच्चों के लिए बेहतर संभावना व मौके चाहते हैं.
