कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंड पीठ के दो न्यायाधीश तृणमूल कांग्रेस के सांसद तापस पाल के मामले में दायर अपील पर एक राय नहीं हैं.न्यायमूर्ति गिरीश गुप्ता ने न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता का आदेश दरकिनार कर दिया, जिन्होंने पाल के खिलाफ एफआईआर दाखिल करने का निर्देश दिया था.
उनके सहयोगी न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी चक्रवर्ती ने हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार और तापस पाल दोनों की अपीलें खारिज कर दीं.अब यह मामला मुख्य न्यायाधीश द्वारा नामित तीसरे न्यायाधीश के पास जाएगा.
खंडपीठ ने आदेश दिया कि न्यायमूर्ति दत्ता के आदेश पर अंतरिम रोक हालांकि तीन सप्ताह तक जारी रहेगी.इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद 1 अगस्त को उच्च न्यायालय ने कहा था कि वह 13 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगा और पाल की आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर स्थगन आदेश की अवधि को बढा दिया था.
अदालत ने एकल पीठ के उस आदेश की तामील पर रोक की अवधि 14 अगस्त तक के लिए बढा दी थी जिसमें तापस पाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया गया था.
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने इससे पहले 72 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने और मामले को सीआईडी के हवाले करने का आदेश दिया था.
