कूचबिहार : लोकसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद कूचबिहार जिले में हिंसा का दौर जारी है. शनिवार की रात को तृणमूल समर्थित उप प्रधान के घर में तोड़फोड़ के अलावा कई अन्य नेताओं के घरों में हमला किये जाने की घटना हुई है. आरोपों के घेरे में है भाजपा के नेता. हालांकि उन्होंने आरोपों से इंकार करते हुए घटनाओं को तृणमूल का आंतरिक विरोध बताया है.
गौरतलब है कि हमले और तोड़फोड़ की घटनायें उत्तर बंगाल विकास मंत्री एवं तृणमूल के जिलाध्यक्ष रवींद्रनाथ घोष के विधानसभा केंद्र नाटाबाड़ी के देवानहाट ग्राम पंचायत इलाकों में हुई है. आरोप है कि इस ग्राम पंचायत के उपप्रधान नजमल होसेन, पंचायत सदस्य झरना राय सरकार, तृणमूल के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव होसेन, उपाध्यक्ष सुमन दे, हसमत अली और कई अन्य नेताओं के घरों में तोड़फोड़ की गयी है. घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस और परिवारों के पक्ष से कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है.
तृणमूल नेताओं का आरोप है कि शनिवार की रात को भाजपा के कुछ बाहरी और स्थानीय मोटरबाइक पर सवार समाज विरोधियों ने घरों पर हमलों के अलावा तोड़फोड़ की है. इसके अलावा हमलावरों ने उन्हें धमकी भी दी है. इस बारे में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ब्रजगोविंद बर्मन और शुभाशीष चौधरी ने कहा है कि इन घटनाओं के साथ भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है.
दरअसल, यह तृणमूल की आपसी गुटबाजी का ही नतीजा है. उल्लेखनीय है कि तृणमूल के भीतर बीते पंचायत चुनाव में गुटबाजी खुलकर चुनावी हिंसा के रुप में आयी थी. उसके बाद तृणमूल के युवा नेता निशीथ प्रामाणिक अपने सहयोगियों के साथ भाजपा में शामिल हो गये. फिलहाल वे कूचबिहार से भाजपा के टिकट पर चुने गये हैं. इससे कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि अभी भी तृणमूल में निशीथ प्रामाणिक के समर्थक बचे हुए हैं. वही, इन सब घटनाओं के पीछे हो सकते हैं.
