आद्रा : शुक्रवार को पुरुलिया नगरपालिका परिसर में गजानन सूत्रधर बकाये वेतन की मांग को लेकर सौ फीट ऊंचे आम के पेड़ पर चढ़ गया. पिछले डेढ़ वर्ष से बकाया वेतन नहीं मिलने पर आम के पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दे रहा था. वेतन भुगतान का आश्वासन मिलने पर वह पेड़ से उतर गया. पुरुलिया शहर के नापित पाड़ा इलाके के रहने वाले गजानन सूत्रधर पुरुलिया नगरपालिका में अस्थाई श्रमिक के रूप में कार्यरत है. पिछले डेढ़ वर्ष से उसे वेतन नहीं मिल रहा है. इस कारण परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है.
अस्थाई मजदूर पेड़ पर चढ़ा, दी आत्महत्या की धमकी
आद्रा : शुक्रवार को पुरुलिया नगरपालिका परिसर में गजानन सूत्रधर बकाये वेतन की मांग को लेकर सौ फीट ऊंचे आम के पेड़ पर चढ़ गया. पिछले डेढ़ वर्ष से बकाया वेतन नहीं मिलने पर आम के पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दे रहा था. वेतन भुगतान का आश्वासन मिलने पर वह पेड़ से उतर […]

उसका कहना है कि अपने परिवार भोजन और वस्त्र तक नहीं दे पा रहा है. बार-बार इस विषय में पार्षद एवं नगरपालिका को जानकारी दिए जाने पर भी इस पर ध्यान नहीं दिया गया. शुक्रवार को आम के पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या करना चाह रहा था. पेड़ पर चढ़कर कई घंटों तक पेड़ पर बैठा था. इसी दौरान नगर पालिका के पार्षद विभास रंजन दास सहित नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. घंटे भर उसे मनाने की कोशिश चलती रही. इसी बीच पुरुलिया शहर थाना के पुलिस एवं दमकल विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए.
सभी ने उसे पेड़ से नीचे उतारना चाहा पर वह पेड़ पर से चिल्लाना आरंभ कर दिया कि जब तक उसे बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा वह पेड़ से नहीं उतरेगा. अंत में पार्षद विभाग रंजन दास की उपस्थिति में नगर पालिका के अधिकारी ने छह महीने बकाया वेतन तुरंत प्रदान करने के आश्वासन देने पर गजानन को पेड़ से नीचे उतर गया. पार्षद विभास रंजन दास ने बताया गजानन सूत्रधर नगर पालिका के और अस्थाई श्रमिक के तौर पर कार्यरत है. कुछ दिनों से वह काम पर नहीं आ रहा था.
उसने जो बकाया वेतन का दावा किया है नगरपालिका इस पर विचार कर रही है तथा तुरंत उसे छह महीने की बकाया वेतन प्रदान करने की नगर पालिका ने निर्णय लिया है. पूरुलिया शहर थाना की पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गयी. बाद में चेतावनी देते हुए उसे छोड़ दिया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार गजानन सूत्रधर शराब के नशे में यह सब कार्य किया था.