गिरफ्तारी की मांग पर टीएमसी कर्मियों ने किया थाने का घेराव, सड़क जाम
हमले, झूठे मामलों में गिरफ्तारी के खिलाफ डीएम के समक्ष भाजपा का धरना
पांच नामजद भाजपा कर्मी गिरफ्तार, भेजे गये जेल, तृणमूल की धिक्कार रैली
आसनसोल / रूपनारायणपुर : आसनसोल संसदीय चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच झड़पों का सिलसिला शुरू हो गया है. शुक्रवार की रात बाराबनी थाना क्षेत्र के मझियाड़ा में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच राजनैतिक संघर्ष से राजनीतिक तनाव एकबारगी काफी बढ़ गया है. तृणमूल नेता सह बाराबनी ग्राम पंचायत के उपप्रधान जितेंद्र पासवान गंभीर रूप से घायल हो गये. उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है.
हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर तृणमूल कर्मियों ने रात ढ़ाई बजे तक बाराबनी थाना का घेराव किया. शनिवार की सुबह मझियाड़ा में तृणमूल कर्मियों ने दोमुहानी गौरांडी मुख्य सड़क तीन घंटे तक अवरोध किया. 11 बजे पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ. पुलिस ने पांच भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर शनिवार को जिला अदालत में पेश किया. सभी की जमानत याचिका खारिज हो गयी और सभी को 17 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. दूसरी ओर भाजपा कर्मियों की पिटाई तथा झूठे मामलों में उनकी गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा कर्मियों ने जिलाशासक कार्यालय के समक्ष शनिवार की दोपहर को धरना दिया. केंद्रीय राज्य मंत्री सह प्रार्थी बाबुल सुप्रियो ने आकर जिलाशासक के साथ बैठक कर ज्ञापन सौंपा. इसके बाद आन्दोलन समाप्त हो गया. इसके विरोध में शाम को तृणमूल ने बाराबनी इलाके में धिक्कार रैली निकाली.
क्या है पूरा घटनाक्रम
तृणमूल के बाराबनी प्रखण्ड अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य असित सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात पौने दस बजे बाराबनी ग्राम पंचायत के उपप्रधान श्री पासवान तृणमूल उम्मीदवार मुनमुन सेन की रैली से खुले हुड की जीप लेकर भनोड़ा कोलियरी अपने घर लौट रहे थे. भाजपा उम्मीदवार श्री सुप्रियो बाराबनी से चुनावी रैली कर वापस लौट रहे थे. दोनों मझियाड़ा में आमने सामने हो गये. श्री पासवान की जीप में तृणमूल का झंडा देख भाजपा कार्यकर्तओं ने उन्हें रोक लिया और उनपर हमला कर दिया. जिसमें उनके सर में गंभीर चोट लगी. रैली में शामिल पुलिस कर्मियों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल में दाखिल किया. उनका सर फट गया है. अनेकों टांके लगे है.
क्या कहते हैं प्रार्थी सुप्रियो
श्री सुप्रियो ने कहा कि तृणमूल को पता था कि मझियाड़ा में रैली का समापन होगा. उसने जानबूझकर वहां ‘चौकीदार चोर है’ का बैनर लगाया था. कार्यकर्ता सारे बैनर खोलकर उनके पास लेकर आये. सभी बैनरों को नष्ट किया जा रहा था. इसी बीच तेजी से एक जीप उनकी ओर आती देख कार्यकर्ताओं ने जीप को रोक लिया. नशे में धुत जीप चला रहे तृणमूल नेता ने उन्हें और प्रधानमंत्री को गाली दी और उनकी हत्या की धमकी दी. इसके बाद उसकी पिटाई की गई.
उन्होंने खुद जाकर उन्हें बचाया और अस्पताल भिजवाया. उन्होंने कहा कि वह जीप उनके धक्का मारने के लिए आगे बढ़ रही थी. जिसे रोका गया. पिछले तीन दिनों से तृणमूल के लोग उनकी रैली में शामिल होकर दंगा फैलाने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे नाकाम किया जा रहा है. इसकी सूचना पुलिस आयुक्त को लगातार दी जा रही है. बाराबनी की घटना को लेकर रात में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करायी गयी. पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. जबकि तृणमूल के लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया. जिसके विरोध में जिलाशासक कार्यालय के समक्ष भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया.
तृणमूल ने किया थाना घेराव, सड़क जाम
उपप्रधान श्री पासवान पर हमला के विरोध में प्रखण्ड अध्यक्ष असित सिंह, जामग्राम ग्रामपंचायात के प्रधान केशव राउत, पानुड़िया ग्राम पंचायत के उपप्रधान विश्वजीत सिंह, पुचड़ा ग्राम पंचायात के उपप्रधान पार्थ मुखर्जी, बाराबनी पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष शेख कुर्बान के नेतृत्व में भारी संख्या में तृणमूल कार्यकर्तओं ने हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर बाराबनी थाना का घेराव किया. घेराव रात ढ़ाई बजे तक चला. मनोज चक्रवर्ती ने अरिजीत राय, कौशिक बनर्जी, साधन राउत, पलान बाउरी, उज्ज्वल गोराई, गणेश धीवर, संतोष सिंह, अनिरुद्ध पासवान, तापस बाउरी, शंकर बाउरी को नामजद करते हुए दर्जनों के खिलाफ बाराबनी थाने में शिकायत दर्ज कराई. कायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 323/325/307/326/427 के तहत मामला दर्ज किया. नामजद 12 में से पांच तापस बाउरी, अनिरुद्ध पासवान, शंकर बाउरी, संतोष सिंह और गौतम पांडे को गिरफ्तार कर आसननोल जिला अदालत में पेश किया. सीजेएम कोर्ट में सभी की जमानत याचिका खारिज हो गयी. शनिवार की सुबह घटना के विरोध में मझियाड़ा में लड़क जाम किया गया.
भाजपाकर्मी अकबर के घर पर हमला
शनिवार को जिलाशासक कार्यालय पर भाजपा के धरना प्रदर्शन के दौरान निवर्तमान सांसद श्री सुप्रियो ने बताया कि बाराबनी प्रखण्ड के गौरांडी हाटतला निवासी व भाजपा अल्पसंख्यक सेल के जिला अध्यक्ष अकबर खान के घर पर शनिवार की सुबह तृणमूल के गुंडों ने हमला किया. घर का सारा सामान बाहर फेंक दिया. घर में उनकी पत्नी जोहरा बेगम और बच्चों के साथ मारपीट की गई. उनकी इज्जत पर हाथ डालने का प्रयास किया गया. बराकर निवासी राजा खान को भाजपा सदस्य के रूप में कार्य करने के लिए उन्हें बुरी तरह से पिटायी की गयी. इन दोनों घटना की शिकायत भी जिलाशासक से की गयी है. थाने में भी शिकायत दर्ज की गयी है. लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
घायल से मिलने पहुंचे मेयर, जिलाध्यक्ष
घायल उपप्रधान श्री पासवान के जिला अस्पताल में आने के बाद मेयर सह विधायक जितेंद्र तिवारी तथा तृणमूल के जिला अध्यक्ष वी शिवदासन ने उनसे मुलाकात की. श्री पासवान ने बताया कि वे मुनमुन सेन की रैली से वापस अपने घर जा रहे थे. मझियाड़ा के पास भाजपा की रैली में शामिल निवर्तमान संसद बाबुल सुप्रियो और अरिजीत राय ने उनपर हमला किया. जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए. उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर छोड़ दिया गया है. जिसे लेकर निवर्तमान सांसद श्री सुप्रियो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आसनसोल में गटर की राजनीति की जा रही है. उन्होंने तृणमूल नेताओं को कहा कि आसनसोल को गटर न बनाएं. शनिवार की सुबह बाराबनी के विधायक विधान उपाध्याय ने आकर श्री पासवान से मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा.
पुलिस जुटी है वीडियो फुटेज खंगालने में
शनिवार रात को बाराबनी के मझियाड़ा में कैसे घटना घटी, इसकी सच्चाई जानने के लिए पुलिस और प्रशासन अपने अपने स्तर से घटना की फुटेज संग्रह कर उसकी जांच में जुटे हैं. भाजपा रैली में पुलिस की टीम भी शामिल थी. चुनाव के खर्च विभाग की टीम भी मौजूद थी. जो पूरे कार्यक्रम का विडियोग्राफी करती है. प्रखण्ड के स्थानीय प्रशासन से जिला प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस प्रशासन ने बाराबनी में भाजपा की रैली के पूरे कार्यक्रम की वीडियो मंगाई है. जिसके आधार पर घटना की जांच की जा रही है. बाबुल सुप्रियों ने भी जिलाशासक को तीन वीडियो का फुटेज दिखाया है.
सीविजिल में तृणमूल ने की शिकायत
तृणमूल बाराबनी प्रखण्ड के अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने किसी भी रैली में चार चार पहिया वाहनों की अनुमति दी है. जबकि बाबुल सुप्रिय ने 25 चार पहिया गाड़ियों के काफिले के साथ बाराबनी में रैली की. चुनाव आयोग द्वारा प्रतिबंधित गीत को रैली में बजाकर प्रचार किया और मारपीट के दौरान क्या हुआ था? इन सभी का वीडियो फुटेज देकर चुनाव आयोग के सिविजिल ऐप में शिकायत की गई है.
चार दिन पूर्व गौरांग पर हुआ था हमला
बाराबनी थाना क्षेत्र के मदनपुर इलाके में चार दिन पूर्व माकपा उम्मीदवार गौरांग चटर्जी पर जानलेवा हमला हो चुका है. वे मदनपुर में अपना प्रचार समाप्त कर गाड़ी में बैठने जा रहे थे, उसी दौरान दर्जनों लोगों ने मिलकर लाठी व रॉड से उनपर हमला किया और उन्हें उठाकर सड़क पर पटक दिया. जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना के विरोध में बाराबनी थाना प्रभारी को वहां से हटाने की मांग को लेकर माकपा ने थाना घेराव किया. पुलिस आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था.
बाराबनी थानेदार का हो सकता है तबादला
बाराबनी थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालत को लेकर प्रशासन सकते में है. चुनाव के पुलिस और साधारण पर्यवेक्षक के यहां आने के बाद से पूरे संसदीय क्षेत्र में सिर्फ बाराबनी थाना इलाके में इस प्रकार की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन चिंतित है. सूत्रों के अनुसार बाराबनी थाना प्रभारी के तबादले को लेकर प्रशासन ने बैठक की है. संभावना है कि बाराबनी के थाना प्रभारी का तबादला हो सकता है.
