जलपाईगुड़ी : दो महिलाओं के क्षत-विक्षत शव मिले

मेटेली (जलपाईगुड़ी) : जंगल से जलावन लाने के दौरान लापता हुईं दो महिलाओं का क्षत-विक्षत शव मिला है. आशंका जतायी गयी है कि उन्हें जंगली हाथी ने मार डाला है. इन दोनों महिलाओं के नाम हैं, सारथी मजुमदार (43) और गीता सेन (42). ये दोनों लाटागुड़ी ग्राम पंचायत अंतर्गत पूर्व लाटागुड़ी की निवासी हैं. इस […]

मेटेली (जलपाईगुड़ी) : जंगल से जलावन लाने के दौरान लापता हुईं दो महिलाओं का क्षत-विक्षत शव मिला है. आशंका जतायी गयी है कि उन्हें जंगली हाथी ने मार डाला है. इन दोनों महिलाओं के नाम हैं, सारथी मजुमदार (43) और गीता सेन (42). ये दोनों लाटागुड़ी ग्राम पंचायत अंतर्गत पूर्व लाटागुड़ी की निवासी हैं.

इस तरह से बीते तीन रोज में डुआर्स के जंगलों में चार लोगों की मौत हाथियों के हमलों में हुई है. इतनी मौतों के बावजूद वन विभाग की निगरानी के अभाव में जलावन के लिए लोगों का जंगल में प्रवेश विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. इस संदर्भ में महिला वनकर्मियों की नियुक्ति की मांग भी उठ रही है, क्योंकि पुरुष वनकर्मियों के लिए महिलाओं को रोकना मुश्किल होता है. वन मंत्री विनय कृष्ण बर्मन ने कहा है कि जंगल में लोगों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाने के लिए कहा गया है.

जानकारी के अनुसार, बुधवार को दोपहर दो बजे के करीब लाटागुड़ी ग्राम पंचायत के विभिन्न इलाकों से करीब 13 महिलाओं का दल लाटागुड़ी जंगल में जलावन के लिए घुसा. जलावन के संग्रह के दौरान वे सभी जंगल के उस घने हिस्से में पहुंच गयीं, जहां से चुकचुकी नजर मीनार समीप है. उसी समय अचानक एक दंतैल हाथी ने उनपर हमला कर दिया.
हालांकि अन्य महिलाएं वहां से भाग गयीं, लेकिन उक्त दोनों महिलाएं घर नहीं लौटी पायीं. अगले दिन सुबह से ही स्थानीय ग्रामीणों और वनकर्मियों ने महिलाओं की तलाश शुरू की. गुरुवार की सुबह चुकचुकी नजर मीनार से कुछ ही दूरी पर घने जंगल में दोनों महिलाओं का क्षत-विक्षत शव मिला. जानकारी मिलने पर मेटेली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया.
मेटेली थाना के ओसी प्रवीर दत्त ने बताया कि दोनों महिलाओं के शव क्षत-विक्षत थे. एक महिला का सिर कीचड़ में धंसा हुआ था. प्राथमिक जांच के अनुसार, महिलाओं की मौत हाथियों के हमले में हुई है. इससे पहले बीते मंगलवार को मोराघाट के जंगल में भी हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गयी.
बुधवार को फिर दो महिलाओं की मौत ने एक बार फिर जंगल में महिलाओं के अबाध प्रवेश के मसले को सामने ला दिया है. यहां तक कि गुरुवार को भी कई महिलाओं को जंगल से लकड़ी काटकर ले जाते हुए देखा गया. लेकिन वन विभाग की ओर से इन्हें रोकने के लिए कोई प्रयास करते नहीं देखा गया.
वन विभाग की मानद वार्डेन सीमा चौधरी ने बताया कि महिलाओं का इस तरह से जंगल में अबाध रूप से जाना चिंता का विषय है. महिलाओं को सरकार की ओर से रसोई गैस का चूल्हा दिया जा रहा है. लेकिन उसका असर होता नहीं दिख रहा है. महिलाओं के प्रवेश को लेकर पुरुष वनकर्मियों को खासी परेशानी होती है.
ऐसे में महिला वनकर्मियों की नियुक्ति के लिए शीर्ष अधिकारियों से अनुरोध किया जायेगा.
इधर, जलपाईगुड़ी के डीएफओ मृदुल कुमार ने बताया कि जंगल में अवैध प्रवेश पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. पुलिस सूत्र के अनुसार शवों को पोस्टमार्टम के लिए जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल भेजा गया है.

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