अलीपुरद्वार बनेगा राज्य का 20वां जिला

कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले को बांटने की घोषणा करते हुए कहा कि 25 जून से जलपाईगुड़ी जिले दो भागों जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार में बंट जायेंगे. इस तरह अलीपुरद्वार राज्य का नया व 20वां जिला होगा. फिलहाल राज्य में जिलों की संख्या 19 है. जलपाईगुड़ी जिले के अंतर्गत जलपाईगुड़ी सदर […]

कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले को बांटने की घोषणा करते हुए कहा कि 25 जून से जलपाईगुड़ी जिले दो भागों जलपाईगुड़ी व अलीपुरद्वार में बंट जायेंगे. इस तरह अलीपुरद्वार राज्य का नया व 20वां जिला होगा.

फिलहाल राज्य में जिलों की संख्या 19 है. जलपाईगुड़ी जिले के अंतर्गत जलपाईगुड़ी सदर व माल महकमा हैं जबकि अलीपुरद्वार में अलीपुरद्वार महकमा है. सुश्री बनर्जी ने विधानसभा में दिये बयान में कहा कि लंबे समय से अलीपुरद्वार को अलग जिला बनाने की मांग उठ रही थी. जलपाईगुड़ी जिला मुख्यालय की अलीपुरद्वार से दूरी लगभग 101 किमी है. इस महकमे के अंतर्गत कुमारग्राम ब्लॉक की जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 143 किलोमीटर है.

इसके अतिरिक्त इसमें कालचीनी, मदारीहाट, वीरपाड़ा, अलीपुरद्वार 1 व अलीपुरद्वार 2 ब्लॉक हैं, जिनकी दूरी जलपाईगुड़ी से लगभग 100 किमी है. इससे प्रशासनिक कार्य में जिले के लोगों को असुविधा होती थी.

वर्तमान में जलपाईगुड़ी जिला का क्षेत्रफल 6202 वर्ग किमी है. 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 38.46 लाख है. इस जिले में तीन महकमे हैं. ये महकमे जलपाईगुड़ी, माल व अलीपुरद्वार हैं. 17 थाने हैं. इस जिले की एक स्वतंत्र व भौगोलिक विशिष्टता है. जिले के विस्तृत इलाके में वन भूमि व चाय बागान हैं.विभाजन से आम लोगों को सुविधा मिलेगी. प्रशासन जनता के करीब आयेगा.

फैसले का कांग्रेस ने किया स्वागत

अलीपुरद्वार के कांग्रेस विधायक देवप्रसाद राय ने अलीपुरद्वार को अलग जिला बनाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा का स्वागत किया है. श्री राय ने कहा कि लंबे समय से उस इलाके के लोगों की अलीपुरद्वार को अलग जिला बनाने की मांग थी. मुख्यमंत्री की इस घोषणा से उनकी मांगें पूरी हुई हैं. 25 जून को राजनीतिक मतभेद भूल कर सभी नये जिले के गठन के अवसर पर उपस्थित रहेंगे. उन्होंने कहा कि 2011 से ही वे इसकी मांग कर रहे थे.

सुविधाओं का हो विकास : माकपा

विधानसभा में विपक्ष के नेता डॉ सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में ही माकपा ने अलीपुरद्वार को जिला बनाने का प्रस्ताव को स्वीकर कर लिया था, लेकिन जिला गठन के पहले मूलभूत सुविधाएं विकसित होनी चाहिए थीं. पश्चिम मेदिनीपुर व बर्दवान को भी बांटने की बात थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ.

झाड़ग्राम को जिला बनाने की मांग

कांग्रेस विधायक डॉ मानस भुईंया ने पश्चिम मेदिनीपुर को विभाजित कर झाड़ग्राम को अलग जिला बनाने की मांग की.

वर्तमान जिलों के नाम : 1. उत्तर 24 परगना, 2. दक्षिण 24 परगना, 3. बर्दवान, 4. मुर्शिदाबाद, 5. पश्चिम मेदिनीपुर, 6. हुगली, 7. नदिया, 8. पूर्व मेदिनीपुर, 9. हावड़ा, 10. कोलकाता, 11. मालदा, 12. जलपाईगुड़ी, 13. बांकुड़ा, 14. बीरभूम, 15.उत्तर दिनाजपुर, 16. पुरुलिया, 17. कूचबिहार, 18. दाजिर्लिंग, 19. दक्षिण दिनाजपुर

अलीपुरद्वार का इतिहास

अलीपुरद्वार का नाम योद्धा हयात अली व डूुआर्स के नाम पर रखा गया है. 18वीं सदी के युद्ध में कूचबिहार के महाराज भूटान के महाराज से पराजित हुए थे. तब सभी 18 डुआर्स भूटान में चले गये, लेकिन ब्रिटिश ने 1865 के युद्ध में भूटान को हरा कर रंगपुर से डुआर्स को विभाजित किया. 1869 में जलपाईगुड़ी जिला बना. चूंकि इस युद्ध में योद्धा हयात अली ने पराक्रम का परिचय दिया था व 18 डुआर्स में 11 बंगाल में रह गये थे. इस कारण इसका नाम अलीपुरद्वार पड़ा. अलीपुरद्वार में बक्सा टाइगर रिजर्व, जलपाईगुड़ी की सबसे ऊंची चोटी छोटा चिनसुला आदि हैं.

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