आसनसोल/बर्नपुर/बांकुड़ा. राज्य के कई इलाकों में बुधवार को कालबैशाखी का कहर काल बन कर टूटा. आंधी-तूफान से माली नुकसान तो हुआ ही, वज्रपात की चपेट में आने से अलग-अलग जगहों पर नौ लोगों की मौत हो गयी. आसनसोल व बर्नपुर में पांच, जबकि बांकुड़ा में चार लोगों की जान चली गयी. बारिश ने गरमी से थोड़ी राहत दिलायी. आंधी से बड़ी संख्या में पेड़ गिरे. इनके नीचे आकर दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गये. कई दुकानों, कारखानों तथा मकानों की छतें क्षतिग्रस्त हुई. इनमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. आसनसोल शहर के ज्यादातर इलाकों में घंटों बिजली आपूत्तर्ि बाधित रही.
आधे घंटे के बीच ही पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. देर रात तक बिजली मरम्मत कार्य जारी रहा. अंडाल-निमचा स्टेशनों के बीच ओवरहेड तार पर पेड़ की टहनी गिर जाने से डेढ़ घंटे तक ट्रेन परिचालन बाधित रहा.
बुधवार की दोपहर तीन बजे शहर में कालबैशाखी का आगमन हुआ . तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई. प्रारंभ में लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन क ड़कती बिजली ने अपना ताडंव शुरू दिया. आंधी लगातार तेज होती गयी और सड़कों के किनारे स्थित पेड़ धराशायी होने लगे. उनकी चपेट मे ं उनके नीचे खड़े वाहन आते गये. विभिन्न स्थलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गयी.
बांकु ड़ा में काल बैशाखी का तांडव
बांकुड़ा जिले में बुधवार को आयी कालबैशाखी के कारण चार व्यक्तियों की मौत वज्रपात से हो गयी. जबकि लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. इसके कारण बांकुड़ा जिले में हजारों की संख्या में पेड़ गिर गये. इसके कारण जिला मुख्यालय में बिजली आपूत्तर्ि बाधित रही. बुधवार को आयी तेज बारिश व आंधी से भारी क्षति हुई. बांकु ड़ा जिले के चार स्थानों पर वज्रपात होने से चार ग्रामीणों की मौत हो गयी.
