कोलकाता : डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआइ) की टीम ने भारत-म्यांमार सीमा से लाये जा रहे सोने के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से सोने के 50 बिस्कुट जब्त किये गये हैं.
इसका वजन 8.30 किलोग्राम है. बाजार में इसकी कुल कीमत 2.57 करोड़ रुपये है. डीआरआइ के हाथ लगे दोनों स्वर्ण तस्कर मिजोरम के रहनेवाले हैं. तस्करी के इस सोने की सप्लाई कोलकाता के बड़ाबाजार में करने के लिए आरोपी सिलचर से ट्रेन पकड़कर निकले थे. इसी बीच, शनिवार रात को 11 बजे के करीब ट्रेन से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. डीआरआइ सूत्रों के मुताबिक, सूचना मिली थी कि भारत-म्यांमार सीमा से बड़े पैमाने पर तस्करी का सोना कोलकाता लाया जा रहा है. इस जानकारी के बाद डीआरआइ टीम ने छानबीन के दौरान सिलचर से सियालदह आनेवाली कंचजंघा एक्सप्रेस से दो युवकों को संदेह के आधार पर पकड़कर उनकी तलाशी ली.
आरोपियों से की जा रही है पूछताछ
आरोपियों के जूतों की जांच करने पर सैलोटेप की मदद से जूते में पैर के तलबे से चिपकाकर रखे कुल 50 सोने के बिस्कुट जब्त किये गये. बाजार में इसकी कीमत 2.57 करोड़ रुपये हैं. दोनों को यह खेप कोलकाता पहुंचाने के लिए किसने सौंपा था और दोनों यह खेप किसके हवाले करनेवाले थे, इस बारे में उनसे पूछताछ की जा रही है.
इस महीने 20 किलो सोना जब्त हुआ है
गौरतलब है कि डीआरआइ की टीम ने इसी महीने दो अलग-अलग मामलों में 20 किलो सोना जब्त किया था. इसे भी म्यांमार से तस्करी के लिए लाया गया था. वहीं पिछले महीने डीआरआइ की टीम ने सिलीगुड़ी में भारत-चीन सीमा से सटे नाथुला इलाके से 32 किलो सोने की बड़ी खेप को जब्त की थी. डीआरआइ सूत्रों का कहना है कि गत पिछले साल 430 किलो स्वर्ण आभूषण व बिस्कुट जब्त किये गये थे.बाजार में इसकी कीमत 110 करोड़ रुपये थी. जबकि इस वर्ष एक अप्रैल से अबतक 170 किलो सोने के बिस्कुट जब्त किये जा चुके हैं. बाजार में इसकी कीमत 56 करोड़ रुपये है. तस्करी का सोना बांग्लादेश, चीन, म्यांमार व भूटान से सीमा पार कर भारत लाया गया था.
सिलचर से कंचनजंघा एक्सप्रेस से ला रहे थे तस्करी का सोना
गिरफ्तार दोनों तस्कर मिजोरम के रहनेवाले
सोने की खेप बड़ाबाजार में सप्लाई की जानी थी
डीआरआइ की टीम को मिली सफलता
