Uttarakhand News: कार्यकाल का 5वां साल, सीएम धामी देंगे ठोस महिला नीति का उपहार, जल्द कैबिनेट में आएगा ड्राफ्ट

Uttarakhand News: पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उत्तराखंड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण फिर लागू कर दिया है. इस आरक्षण का लाभ उन सभी महिलाओं को मिल रहा है, जिनका उत्तराखंड राज्य का डोमिसाइल है. राज्य सरकार के इस कदम के बाद सरकारी कार्यालयों में महिला कार्मिकों की संख्या में सुधार हो रहा है.

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने कार्यकाल के पांचवें साल में उत्तराखंड की महिलाओं को महिला नीति का ठोस उपहार देने जा रहे हैं. उत्तराखंड की पहली महिला नीति जल्द कैबिनेट में आ सकती है. इसके जरिए सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए नीतिगत रोडमैप तैयार करेगी. इससे पहले बीते चार साल के दौरान भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां एक तरफ महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, वहीं पहली बार सहकारी समितियों में भी महिला आरक्षण लागू कर, हर स्तर पर महिला नेतृत्व उभारने का प्रयास किया. इसी तरह महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने के लिए महिला सारथी योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, लखपति दीदी जैसी कल्पनाशील योजनाएं धरातल पर उतरीं.

सरकारी नौकरी में आरक्षण

पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उत्तराखंड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण फिर लागू कर दिया है. इस आरक्षण का लाभ उन सभी महिलाओं को मिल रहा है, जिनका उत्तराखंड राज्य का डोमिसाइल है. राज्य सरकार के इस कदम के बाद सरकारी कार्यालयों में महिला कार्मिकों की संख्या में सुधार हो रहा है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद 10 जनवरी 2023 से महिला आरक्षण विधिवत लागू कर दिया गया है.

सहकारी समितियों में आरक्षण

पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सहकारी समितियों में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर दिया है. उत्तराखंड में निकाय और पंचायतों में पहले से ही महिला आरक्षण दिया जा रहा है, अब सहकारी समितियों में महिला आरक्षण लागू होने से सभी स्तर पर महिला नेतृत्व उभरने का रास्ता साफ हो गया है. ग्रामीण स्तर पर सक्रिय सहकारी संस्थाओं में महिला आरक्षण लागू किए जाने को गेम चेंजर माना जा रहा है.

स्वरोजगार के लिए मौके

धामी सरकार ने इसी महिला दिवस 08 मार्च, 2025 से देहरादून जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर महिला सारथी योजना भी लागू की है, इसके तहत राज्य की महिलाएं ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर चलाकर यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाने का काम कर रही हैं. इसके साथ ही सरकार लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, ड्रोन दीदी योजना के जरिए भी महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा कर रही है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा ‘मातृशक्ति उत्तराखंड के समाज की रीढ़ की हड़्डी हैं. हमारी सरकार का मानना है कि बिना महिलाओं को सशक्त किए, समाज का आगे बढ़ना मुश्किल है, इसलिए महिलाओं को समर्पित कई योजनाएं संचालित हो रही हैं, जो आगे चलकर गेम चेंजर साबित होंगी. इसी क्रम में अब हम जल्द महिला नीति भी लेकर आ रहे हैं.’

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Author: Pritish Sahay

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