Varanasi Flood News : गंगा के बढ़ते जलस्तर से पिछले कई दिनों से चिंतित वाराणसी के लोगों को थोड़ी राहत मिली है. खतरे के निशान के काफी करीब पहुंचने के बाद गंगा के जलस्तर में अब मामूली गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. ऐसे में प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है और गंगा में नौका संचालन अब भी पूरी तरह बंद है. गंगा का जलस्तर वाराणसी के साथ ही भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर और बलिया में भी चिंता का कारण बना हुआ है. गाजीपुर और बलिया में गंगा का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है. वहीं वाराणसी में आधी रात के बाद जलस्तर में गिरावट शुरू हुई, लेकिन यह फिलहाल बेहद मामूली है.
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा
केंद्रीय जल आयोग की ओर से सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, राजघाट पर गंगा का जलस्तर 70.66 मीटर दर्ज किया गया. यहां चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है. यानी गंगा अभी खतरे के निशान से करीब 60 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन चेतावनी बिंदु को पार कर चुकी है. गंगा का अब तक का सर्वाधिक जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है. फिलहाल नदी के जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से कमी आ रही है. हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश का अनुमान जताया है, जिससे प्रशासन की चिंता अभी कम नहीं हुई है.
नौका संचालन पर रोक, घाटों पर बढ़ी सतर्कता
गंगा में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नौका संचालन पर रोक अब भी जारी है. नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण घाटों और तटीय इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है. वहीं गंगा के बढ़े जलस्तर का पलट प्रवाह वरुणा नदी में होने से आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है. कई इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों और बाढ़ राहत शिविरों की ओर जाने लगे हैं.
एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने गुरुवार शाम बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने तटीय इलाकों का जायजा लिया और संवेदनशील स्थानों का आकलन किया. एनडीआरएफ की टीमें जल गश्त के जरिए लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बचाव और राहत अभियान शुरू करने के लिए टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
प्रशासन के साथ लगातार समन्वय
एनडीआरएफ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और काशी-वरुणा जोन के डीसीपी के साथ समन्वय बैठक भी की गई है. प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है. राहत शिविरों की व्यवस्था और बचाव दलों की तैयारियों की भी लगातार समीक्षा की जा रही है.
पीएम मोदी ने ली स्थिति की जानकारी
गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले फोन कर वाराणसी की स्थिति की जानकारी ली थी. स्थानीय प्रशासन से बाढ़ और जलस्तर को लेकर लगातार अपडेट लिया जा रहा है. फिलहाल गंगा के जलस्तर में मामूली कमी जरूर आई है, लेकिन चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही नदी और आगे बारिश के अनुमान को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है.
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