UP Rojgar: उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में तीन से तेरह अगस्त के मध्य आयोजित ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ ने प्रदेश में एक नई और ऐतिहासिक मिसाल कायम की है. राज्य के सभी पचहत्तर जनपदों में संचालित इस विशेष ग्यारह दिवसीय प्रयास में विभिन्न रोजगार मेलों, सीधी भर्ती प्रक्रियाओं एवं स्वरोजगार संबंधी पहलों के माध्यम से कुल 1,559 दिव्यांग अभ्यर्थियों को आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ. इस पहल ने उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा.
सरकार का संकल्प
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु पूरी तरह कटिबद्ध है. उन्होंने बताया कि यह मुहीम केवल आजीविका प्रदान करने का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग युवाओं के भीतर आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना को मजबूती से जागृत करने का सार्थक प्रयास है. इस कदम से उनका भविष्य पूरी तरह सुरक्षित होगा.
स्वरोजगार योजनाएं और वित्तीय सहायता पहल
इस विशेष अभियान के दौरान रोजगार के अवसरों के साथ-साथ स्वरोजगार को भी प्राथमिकता दी गई. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत 538 से अधिक दिव्यांग जनों को जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाया गया. लाभार्थियों को अपना छोटा उद्योग स्थापित करने हेतु आवश्यक वित्तीय सहायता, ऋण सुविधा एवं योजनाओं की व्यापक जानकारी प्रदान की गई. मोबाइल मरम्मत, सिलाई-कढ़ाई, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेयरी तथा जन सेवा केंद्र जैसे कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें अपना उद्यम शुरू कराया गया.
निजी कंपनियों में नियुक्ति और सम्मानजनक वेतन
विभिन्न जिलों में आयोजित विशेष जॉब फेयर और प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से निजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों ने बड़ी संख्या में योग्य दिव्यांगों को नौकरियां प्रदान कीं. चयनित युवाओं को डेटा एंट्री ऑपरेटर, टेलीकॉलर, हेल्थकेयर असिस्टेंट एवं तकनीशियन जैसे पदों पर नियुक्त कर मौके पर ही ऑफर लेटर थमाए गए. इन सभी अभ्यर्थियों को दस हजार से लेकर अठारह हजार रुपये तक का आकर्षक मासिक वेतनमान दिया गया, जिससे उनके परिवारों में खुशहाली की लहर दौड़ गई.
