यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 50 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की चेतावनी

UP Weather Forecast: उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी से मौसम का मिजाज बदला. कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. जानें आम जनजीवन और खेती पर क्या होगा असर.

UP Weather Forecast: उत्तर भारत में मानसून की गतिविधि एक बार फिर रफ्तार पकड़ रही है. इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के अनेक हिस्सों में मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है. मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के सात से अधिक जनपदों में गर्जन और वज्रपात के साथ वर्षा की संभावना जताई है. राजधानी लखनऊ सहित गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में काले बादल छाए रहने तथा 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है.

तापमान में गिरावट और आगामी दिनों का पूर्वानुमान

पिछले कुछ दिनों से राज्य के ज्यादातर इलाकों में बारिश की तीव्रता में काफी कमी आई थी. केवल कुछ ही स्थानों पर हल्की बौछारें दर्ज की गई थीं, जिससे तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी महसूस की जा रही थी. हालांकि, नवीनतम पूर्वानुमान के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी से सटे इलाकों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा. इस दौरान क्षेत्र का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है. आगामी 19 और 20 सितंबर से पश्चिमी भागों में मौसम पुनः शुष्क होने की उम्मीद है.

मौसमी बदलाव के कारण और सुरक्षा निर्देश

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वायुमंडलीय दबाव में बदलाव और नमी युक्त हवाओं के प्रवाह से यह मौसमी परिस्थितियां निर्मित हुई हैं. प्रादेशिक मौसम केंद्र ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें. विशेष रूप से खुले परिसरों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है. अचानक आने वाली तेज आंधी और बारिश से यातायात प्रभावित होने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका से स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क किया गया है.

कृषि और आम जनजीवन पर पड़ने वाला प्रभाव

इस मौसमी बदलाव का सीधा असर दैनिक जीवन और प्रादेशिक तापमान पर देखने को मिलने वाला है. बारिश की वजह से पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी और पारा गिरकर सामान्य स्तर पर आ जाएगा. वहीं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें. जलभराव की वजह से धान की फसलों को लाभ हो सकता है, परंतु तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों को आंशिक नुकसान पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

यह भी देखें: सुप्रीम कोर्ट की कुर्सी ठुकराई, लेकिन हिंदी का साथ नहीं छोड़ा, जस्टिस प्रेमशंकर गुप्त की कहानी हैरान कर देगी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By शशांक शेखर मिश्रा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >