UP Kal Ka Mausam: मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के वासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. बंगाल की खाड़ी में बने नए निम्न दबाव के क्षेत्र ने मानसून को पुनः अधिक सक्रिय कर दिया है. इसके असर से राज्य के पचास से अधिक जनपदों में तेज बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है. आने वाले चार दिनों तक बारिश की यह तीव्रता बनी रहेगी.
प्रयागराज में मूसलाधार बारिश से जलभराव की स्थिति
संगमनगरी प्रयागराज में देर रात से ही रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. इस वजह से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और शहर के निचले हिस्सों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. आसमान में लगातार काले बादलों का पहरा बना हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आज शाम तक प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार और अधिक तेज हो सकती है.
पहले दिन पूर्वी और मध्य यूपी में अधिकांश स्थानों पर वर्षा का अलर्ट
प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ द्वारा 31 अगस्त 2026 को जारी वर्षा पूर्वानुमान (डे-1) के अनुसार प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी भागों में बारिश का सबसे अधिक प्रभाव रहेगा. प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, कौशांबी, चित्रकूट, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जनपदों में लगभग सभी स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, अयोध्या और अमेठी समेत आसपास के मध्यवर्ती क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा का अनुमान है.
दूसरे दिन पश्चिमी और मध्यवर्ती इलाकों की ओर बढ़ेगा मानसूनी तंत्र
मौसम केंद्र के अनुसार 1 सितंबर से 2 सितंबर (डे-2) तक मानसूनी सक्रियता प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती जिलों की तरफ बढ़ेगी. इस दौरान बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र में लगभग सभी स्थानों पर वर्षा होगी. वहीं सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, कानपुर नगर, बरेली और पीलीभीत समेत तराई तथा मध्य क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है. पश्चिमी सीमाओं और पश्चिमी बुंदेलखंड में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं.
लखनऊ का मौसम और आगरा में तापमान का हाल
राजधानी लखनऊ में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है. यहां का तापमान संतुलित बना रहेगा. वहीं दूसरी ओर, बीते दिन आगरा राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां पारा सामान्य से चार डिग्री अधिक दर्ज हुआ. मौसम विशेषज्ञ डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, इस नए मानसूनी तंत्र का सबसे व्यापक असर राज्य के पूर्वी एवं मध्यवर्ती इलाकों में आने वाले 48 घंटों में साफ दिखाई देगा.
मौसम केंद्र लखनऊ का 7 दिवसीय पूर्वानुमान
प्रादेशिक मौसम केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी 7 दिवसीय बुलेटिन (31-08-2026) के अनुसार उत्तर प्रदेश में आगामी सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा. 31 अगस्त और 1 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिमी यूपी में गर्जन के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है. 2 सितंबर से 6 सितंबर के दौरान संपूर्ण राज्य के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
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