UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में 17 जुलाई तक मानसून एक्टिव रहेगा. इसके बाद प्रदेश में कहीं आसमान से झमाझम बारिश बरसेगी तो कहीं उमस और गर्मी लोगों का दम निकाल सकती है. मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट संकेत दे रही है कि कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि कुछ इलाकों में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बौछारें चिंता बढ़ा सकती हैं. ऐसे में आने वाला सप्ताह राहत और आफत, दोनों का संदेश लेकर आया है.
सात दिन तक बारिश का सिलसिला
क्षेत्रीय मौसम केंद्र लखनऊ की 14 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 14 से 20 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रहेगी.
पूर्वी यूपी में ज्यादा बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 14 से 16 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है. 17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. कई जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं. यही वजह है कि किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
उमस और गर्मी से अभी नहीं मिलेगी राहत
बारिश के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में उमस लोगों को परेशान करती रहेगी. मौसम केंद्र ने 14, 15 और 16 जुलाई के लिए पश्चिमी और पूर्वी यूपी में गर्म और उमसभरी परिस्थितियों की चेतावनी जारी की है. बारिश के बावजूद नमी बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने वालों को अधिक परेशानी हो सकती है.
17 जुलाई के बाद बढ़ सकता है खतरा
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 17 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बन रही है. 18, 19 और 20 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. पश्चिमी यूपी में भी 19 और 20 जुलाई को भारी बारिश की आशंका जताई गई है. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों की खराब स्थिति और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने की जरूरत होगी.
कहां रहा सबसे ज्यादा तापमान
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान उरई में 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.5 डिग्री अधिक रहा. इसके बाद फतेहगढ़ में 38.2 डिग्री, हमीरपुर में 37.2 डिग्री, मुरादाबाद में 37.2 डिग्री और आगरा में 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इससे साफ है कि मानसूनी बादलों के बावजूद कई जिलों में गर्मी का असर अभी बरकरार है.
गोरखपुर रहा सबसे ठंडा
प्रदेश में न्यूनतम तापमान की बात करें तो गोरखपुर का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके बाद बस्ती में 25 डिग्री, नजीबाबाद में 25.2 डिग्री, हरदोई में 25.2 डिग्री और बाराबंकी में 26 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया. पूर्वी यूपी में बादलों और बारिश की गतिविधियों के कारण रात का तापमान अपेक्षाकृत कम बना हुआ है.
लोगों के लिए क्या है सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है. अगले एक सप्ताह में यूपी का मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए छाता, रेनकोट और सतर्कता-तीनों साथ रखना जरूरी होगा. मानसून अब पूरी तरह सक्रिय दिख रहा है और आने वाले दिनों में कई जिलों में इसका असर और अधिक देखने को मिल सकता है. उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
