416 करोड़ की मदद, 1,000 एकड़ का पार्क और नई योजनाएं... यूपी में टेक्सटाइल को लेकर क्या है योगी का प्लान?

UP News:उत्तर प्रदेश सरकार हथकरघा और वस्त्रोद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कमर कस चुकी है. 416 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता और 1000 एकड़ के पीएम मित्र पार्क के साथ, राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

UP News: उत्तर प्रदेश का हथकरघा और वस्त्रोद्योग अब सिर्फ पारंपरिक कारोबार तक सीमित नहीं है. सरकार इसे निवेश, रोजगार और निर्यात के बड़े सेक्टर के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है. इसी दिशा में राजधानी लखनऊ में 8 और 9 सितंबर को यूपी टेक्स-2026 का आयोजन होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को इसका उद्घाटन करेंगे. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में होने वाले इस आयोजन में देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी और निर्माता जुटेंगे. दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा होगी. निवेश बढ़ाने से लेकर उत्पादन, रोजगार और निर्यात तक के मुद्दे प्रमुख रहेंगे. सरकार की ओर से जारी आंकड़े भी बताते हैं कि पिछले वर्षों में इस क्षेत्र को वित्तीय मदद और नई योजनाओं के जरिए मजबूती देने की कोशिश हुई है.

214 इकाइयों को मिला ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’, 157 को आर्थिक मदद

योगी सरकार ने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए दो प्रमुख नीतियां लागू की हैं. इनमें उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017 और उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 शामिल हैं. वर्ष 2017-18 से अब तक इन नीतियों के तहत 214 वस्त्र इकाइयों के पक्ष में ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किए गए हैं. इनमें से 157 इकाइयों को 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है. सरकार का जोर नई इकाइयां लगाने के साथ मौजूदा इकाइयों के विस्तार और विविधीकरण पर भी है.

बुनकरों के लिए 73.18 करोड़ रुपये की मदद

हथकरघा और पावरलूम बुनकरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना शुरू की है. यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 से चल रही है. इसके तहत अब तक 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है. नए करघे खरीदने, कार्यशाला बनाने और प्रशिक्षण जैसी जरूरतों के लिए योजना के तहत सहायता का प्रावधान है.

4,039 बुनकरों को 77.45 करोड़ रुपये की सहायता

अनुसूचित जाति के हथकरघा और पावरलूम बुनकरों के लिए झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना संचालित की जा रही है. इस योजना के तहत अब तक 4,039 बुनकरों को 77.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है. इसके जरिए बुनकरों को उत्पादन से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर जोर है.

99,929 पावरलूम कनेक्शनधारकों को बिजली में राहत

पावरलूम बुनकरों के लिए बिजली की लागत भी बड़ी चुनौती रहती है. इसे कम करने के लिए सरकार ने अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना लागू की है. इस योजना के तहत 99,929 पावरलूम विद्युत कनेक्शनधारक बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए अब तक 3,446.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अनुमोदित की जा चुकी है.

1,000 एकड़ में तैयार हो रहा पीएम मित्र पार्क

टेक्सटाइल उद्योग में बड़े निवेश के लिए सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस कर रही है. लखनऊ-हरदोई सीमा पर करीब 1,000 एकड़ भूमि में पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है. यहां आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. पार्क की बाउंड्री-वॉल का निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है.

वाराणसी से अमरोहा तक टेक्सटाइल पार्क की तैयारी

टेक्सटाइल सेक्टर को जिलों तक विस्तार देने के लिए संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना भी शुरू की गई है. यह योजना 3 अक्टूबर 2025 को घोषित की गई थी. इसके तहत वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर और अमरोहा में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है. वहीं सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में भी टेक्सटाइल पार्क के लिए भूमि चिह्नित करने की कार्यवाही जारी है.

अब कुशल श्रमिक तैयार करने पर जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग ने दो नई योजनाएं शुरू की हैं. पहली है उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना. इसका उद्देश्य प्रदेश में स्थापित होने वाली वस्त्र इकाइयों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित और कुशल श्रमिक उपलब्ध कराना है. दूसरी योजना मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना है. इसके तहत बुनकरों को समूहों में संगठित किया जाएगा. सामूहिक उत्पादन के जरिए कारोबार को मजबूत करने और बुनकरों की आय बढ़ाने पर जोर होगा.

रोजगार और निर्यात बढ़ाने की भी तैयारी

सरकार की नई योजनाओं में सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर ही फोकस नहीं है. बुनकरों की आय बढ़ाने और प्रदेश के वस्त्र उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. यूपी टेक्स-2026 इसी रणनीति का अहम हिस्सा है. लखनऊ में जुटने वाले देशभर के वस्त्र व्यवसायियों और निर्माताओं के सामने उत्तर प्रदेश अपने टेक्सटाइल सेक्टर की क्षमता और निवेश की संभावनाएं रखेगा. ऐसे में यह आयोजन प्रदेश के हथकरघा और वस्त्रोद्योग के लिए नए निवेश, रोजगार और बाजार के रास्ते खोलने वाला मंच बन सकता है.

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By खुशी सिंह

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