UP News: गोरखपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. कुशीनगर के दो युवकों को रेलवे ग्रुप D में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर आरोपी ने उनसे कुल 7.66 लाख रुपये ठग लिए. आरोप है कि उसने रेलवे के बड़े अधिकारियों से संपर्क होने का दावा किया और दोनों को दो-तीन महीने के भीतर नौकरी दिलाने का झांसा दिया. रकम लेने के बाद उन्हें पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिए. जब दोनों युवक नियुक्ति पत्र लेकर रेलवे कार्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने दस्तावेजों को फर्जी बता दिया. इसके बाद आरोपी ने अगले दिन ज्वाइनिंग कराने की बात कही, लेकिन दो मई के बाद उसका फोन और संपर्क दोनों बंद हो गए. शिकायत के बाद कैंट पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
बस में हुई मुलाकात, फिर नौकरी का दिया भरोसा
कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र के खौतही निवासी जान आलम और तमकुहीराज निवासी साकिर अली आपस में रिश्तेदार हैं. दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. दोनों ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि 8 फरवरी 2026 को गोरखपुर आते समय रोडवेज बस में उनकी मुलाकात अजीत कुमार सिंह से हुई थी. आरोप है कि बातचीत के दौरान अजीत ने खुद को रेलवे के बड़े अधिकारियों से संपर्क वाला बताया और ग्रुप D में नौकरी लगवाने का दावा किया. आरोपी ने दोनों से नौकरी के बदले छह-छह लाख रुपये मांगे. उसने कहा कि आधी रकम पहले देनी होगी और बाकी पैसा नियुक्ति के बाद लिया जाएगा.
अलग-अलग तारीखों पर खाते में भेजे 5.16 लाख
शिकायत के मुताबिक, 15 फरवरी 2026 से अलग-अलग तारीखों पर अजीत के बताए एसबीआई खाते में रकम भेजी गई. इसके लिए जान आलम और साकिर अली ने अपने मामा अब्दुल मुनाफ के खाते का इस्तेमाल किया. इस तरह कुल 5.16 लाख रुपये खाते के जरिए भेजे गए. इसके अलावा दोनों ने मिलकर आरोपी को 2.50 लाख रुपये नकद भी दिए. इस तरह आरोपी को कुल 7.66 लाख रुपये दिए गए.
पूर्वोत्तर रेलवे के नाम से दिए फर्जी नियुक्ति पत्र
रकम मिलने के बाद आरोपी ने दोनों युवकों को पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के नाम से नियुक्ति पत्र दिए. इन पत्रों में 1 मई 2026 को ज्वाइनिंग की तारीख लिखी गई थी. नियुक्ति पत्र मिलने के बाद दोनों युवक अपने शैक्षणिक दस्तावेज लेकर तय तारीख पर रेलवे कार्यालय पहुंच गए. यहीं उन्हें पता चला कि उनके हाथ में दिए गए नियुक्ति पत्र असली नहीं, बल्कि फर्जी हैं.
अगले दिन ज्वाइनिंग कराने का भी दिया भरोसा
रेलवे अधिकारियों से नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद दोनों युवकों ने अजीत से संपर्क किया. आरोप है कि उसने उन्हें भरोसा दिया कि अगले दिन वह खुद उनके साथ जाएगा और ज्वाइनिंग करा देगा. लेकिन इसके बाद 2 मई के बाद आरोपी से संपर्क नहीं हो सका. दोनों युवकों को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की.
पुलिस ने किराये के मकान से किया गिरफ्तार
मामले की शिकायत मिलने के बाद कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी अजीत कुमार सिंह, निवासी गंभीरपुर रामपुर, आजमगढ़, को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी फिलहाल रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के इंद्रानगर स्थित एयरटेल टावर के पास किराये के मकान में रह रहा था. शुक्रवार दोपहर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
