UP Power Supply: उत्तर प्रदेश में उमस बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ सकती है. ऐसे में लंबे समय से बंद पड़े चार तापीय बिजली संयंत्र आने वाले दिनों में बिजली संकट की वजह बन सकते हैं. इन चार परियोजनाओं से कुल 2230 मेगावॉट बिजली पैदा होती है, जिसमें से 2098 मेगावॉट बिजली यूपी को मिलती है. फिलहाल इन परियोजनाओं के जल्द शुरू होने की उम्मीद कम बताई जा रही है.
चार पावर प्लांट की यूनिट बंद
प्रदेश की चार तापीय विद्युत परियोजनाओं की इकाइयां फिलहाल ठप हैं. इनमें मेजा, हरदुआगंज और ओबरा-सी की इकाइयां शामिल हैं. इन इकाइयों के बंद होने की अलग-अलग तकनीकी वजहें सामने आई हैं. मेजा की इकाई-1 में टरबाइन में तेज कंपन होने के कारण उत्पादन बंद है. वहीं हरदुआगंज की इकाई-2 में टरबाइन रोटर में खराबी आई है. ओबरा-सी की इकाई-1 सुपर हीटर ट्यूब में लीकेज के कारण बंद है, जबकि ओबरा-सी की इकाई-2 में बॉयलर रीसर्कुलेशन पंप की समस्या के चलते उत्पादन रुका हुआ है.
बंद परियोजनाओं के कारणों की जांच की मांग
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इन परियोजनाओं के लंबे समय तक बंद रहने के कारणों की जांच की मांग की है. उनका कहना है कि केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक 9 सितंबर तक देश में कहीं भी कोयले की सप्लाई का संकट नहीं था. वहीं, यूपीएसएलडीसी की रिपोर्ट में भी इन बिजली परियोजनाओं के बंद होने की वजह तकनीकी बताई गई है. रिपोर्ट में कहीं भी कोयले की कमी को कारण नहीं बताया गया है. ऐसे में इन परियोजनाओं के बंद होने की असली वजह की जांच होनी चाहिए.
ग्रामीण इलाकों में कटौती कम होने का दावा
बिजली निगम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती कम होने का दावा किया है. निगम के मुताबिक 17 सितंबर को दिन के समय कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति की गई. ग्रामीण इलाकों में इस दौरान केवल 28 मिनट की कटौती हुई. निगम ने यह भी बताया कि घाटमपुर की इकाई-3 का संचालन शुक्रवार से शुरू हो गया है. इससे प्रदेश में बिजली की उपलब्धता में करीब 600 मेगावॉट का इजाफा हुआ है.
17 सितंबर को 27,163 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति
17 सितंबर को उत्तर प्रदेश ने देशभर में सबसे ज्यादा 27,163 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति की. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक, इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित रही थी. इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में बीते दिनों की तुलना में ज्यादा बिजली उपलब्ध कराई गई. हालांकि, अगर आने वाले दिनों में उमस बढ़ती है और बिजली की मांग में इजाफा होता है, तो लंबे समय से बंद पड़ी पावर प्लांट इकाइयों के चलते आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है.
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