UP Politics: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों के बीच बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इन तीनों राज्यों के चुनाव बीएसपी और बहुजन मूवमेन्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. मायावती ने कहा कि पार्टी के छोटे-बड़े कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक और शुभचिंतक पूरी ताकत के साथ चुनाव में सत्ता प्राप्ति के लिए जुटे हुए हैं.
आरक्षण समेत मुद्दों पर विरोधी दलों को घेरा
मायावती ने कहा कि मौजूदा समय में बहुजन समाज, बीएसपी और बहुजन मूवमेन्ट को विरोधी पार्टियों और जातिवादी तत्वों की ओर से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने विशेष रूप से आरक्षण से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि बीएसपी को ऐसे समय में सर्वसमाज के लोगों से सहयोग की अपील है. उन्होंने दलित समाज के लोगों से भी निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई काम नहीं करने की अपील की, जिससे बहुजन मूवमेन्ट के रास्ते में बाधा पैदा हो.
अशोक सिद्धार्थ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का किया जिक्र
मायावती ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भूले-भटके लोगों को उनके आचार-व्यवहार आदि को देखते हुए पार्टी में शामिल कर रहा है. वहीं, जो लोग पार्टी की राह में रुकावट बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा रही है. मायावती ने इसका चर्चित उदाहरण बीएसपी के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को बताया.
निजी और पारिवारिक स्वार्थ को बताया वजह
मायावती के मुताबिक, पार्टी ने अशोक सिद्धार्थ को सुधारने का एक नहीं, बल्कि कई बार मौका दिया. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने बीएसपी के मिशन से अधिक अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थ तथा महत्वाकांक्षा को महत्व दिया. मायावती ने कहा कि इसका खामियाजा अशोक सिद्धार्थ के साथ-साथ उनके दामाद आकाश आनंद को भी भुगतना पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने अपने निजी स्वार्थ में आकाश आनंद और बीएसपी मूवमेन्ट की भी सही तरीके से परवाह नहीं की.
मायावती बोलीं- राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें अशोक सिद्धार्थ
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है कि वह अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को त्यागकर और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें. उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर आकाश आनंद के लिए स्वतंत्र रूप से पार्टी में काम करना संभव होगा. मायावती के मुताबिक, इसके बाद पार्टी आकाश आनंद को उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है, ताकि वह पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें. मायावती ने कहा कि पार्टी में ऐसी आम राय है.
