UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 भले अभी कुछ समय दूर हो, लेकिन मुरादाबाद की राजनीति में टिकट को लेकर हलचल तेज हो गई है. जिले की छह विधानसभा सीटों पर भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा के कुल 174 नेताओं ने अपनी दावेदारी जता दी है. कोई खुलकर टिकट मांग रहा है तो कई नेता संगठन और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं.
कांग्रेस में सबसे लंबी कतार, सपा में सबसे कम दावेदार
टिकट की रेस में कांग्रेस के नेताओं की संख्या सबसे ज्यादा सामने आई है. कांग्रेस से 62 दावेदार चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं. बसपा से 42, भाजपा से 37, जबकि समाजवादी पार्टी से सबसे कम 33 नेता टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं. यह आंकड़ा बताता है कि चुनावी मुकाबले से पहले पार्टियों के भीतर उम्मीदवार बनने की प्रतिस्पर्धा भी तेज हो चुकी है.
ठाकुरद्वारा में टिकट के लिए सबसे बड़ा घमासान
छह विधानसभा सीटों में सबसे ज्यादा दावेदार ठाकुरद्वारा सीट पर हैं. यहां चारों प्रमुख दलों से कुल 38 नेताओं के नाम टिकट की दौड़ में सामने आए हैं. इस सीट पर कांग्रेस के 19, बसपा के 11, भाजपा के पांच और सपा के तीन दावेदार बताए जा रहे हैं. बड़ी संख्या में दावेदारों के कारण यह सीट चुनाव से पहले ही राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है.
मुरादाबाद नगर और बिलारी में भी लंबी रेस
मुरादाबाद नगर विधानसभा सीट पर कुल 36 दावेदार, जबकि बिलारी सीट पर 33 नेताओं के नाम चर्चा में हैं. मुरादाबाद देहात में 25 और कांठ में 23 नेताओं ने टिकट की इच्छा जताई है. सबसे कम दावेदार कुंदरकी सीट पर हैं, जहां अब तक 19 नाम सामने आए हैं. हर सीट पर नेताओं की सक्रियता बढ़ने के साथ राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बदल रहे हैं.
मौजूदा विधायकों के सामने भी बढ़ सकती है चुनौती
टिकट की दौड़ में केवल नए चेहरे ही नहीं, बल्कि मौजूदा विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और विभिन्न दलों के वर्तमान व पूर्व पदाधिकारी भी शामिल हैं. मुरादाबाद जिले की छह सीटों में फिलहाल चार सीटों पर समाजवादी पार्टी और दो सीटों पर भाजपा का कब्जा भी है. ऐसे में सभी दलों के सामने उम्मीदवार चयन आसान नहीं रहने वाला है.
आधिकारिक आवेदन नहीं, फिर दावेदारी तेज
पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व की ओर से अभी औपचारिक रूप से टिकट के लिए आवेदन नहीं मांगे गए हैं. इसके बावजूद संभावित उम्मीदवार अपने स्तर से जनसंपर्क बढ़ाने, समर्थकों को सक्रिय करने और संगठन में अपनी मौजूदगी मजबूत करने में जुट गए हैं. साफ है कि 2027 की वोटों वाली लड़ाई शुरू होने से पहले मुरादाबाद में टिकट की जंग पूरी तरह तेज हो चुकी है.
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