UP Crime: प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर बलिया में एक शिकायत ने सवाल खड़े कर दिए हैं. चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के टीकादेवरी गांव निवासी बृज भूषण सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर दो सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि महेंद्र चौराहे पर पहुंचे दो सिपाहियों ने उन्हें पकड़ लिया और कुछ दूरी पर ले जाकर उनकी जेब से 500 रुपये निकाल लिये. मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने कार्रवाई की मांग की है.
महेंद्र चौराहे पर सिपाहियों के पकड़ने का आरोप
पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र के मुताबिक घटना 4 सितंबर 2026 की रात करीब आठ बजे की बतायी गयी है. बृज भूषण सिंह का कहना है कि वह महेंद्र चौराहे पर थे. इसी दौरान दो सिपाही उनके पास पहुंचे. शिकायत में दोनों सिपाहियों के नाम दीपक राय और शुभम सिंह बताए गये हैं. शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों सिपाही उन्हें पकड़कर कुछ दूरी पर ले गये. इसके बाद उनकी जेब से 500 रुपये निकाल लिये गये.
‘शराब के नशे में थे दोनों सिपाही’
शिकायत में बृज भूषण सिंह ने दोनों सिपाहियों पर शराब के नशे में होने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया आरोप है. इसकी स्वतंत्र पुष्टि अथवा पुलिस जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है.
500 रुपये को लेकर उठे सवाल
मामला महज 500 रुपये का हो सकता है, लेकिन आरोप पुलिस की वर्दी पर लगा है. यही वजह है कि शिकायत सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. यदि शिकायत में लगाए गये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर माना जाएगा. वहीं, अगर आरोप गलत पाए जाते हैं तो जांच के बाद इसकी स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल पूरा मामला जांच और पुलिस की कार्रवाई पर टिका हुआ है.
एसपी से की दोनों सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कराकर दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. शिकायत में घटना की तारीख, समय, स्थान और कथित रूप से शामिल दोनों सिपाहियों के नाम भी दर्ज किये गये हैं.
1076 पर भी शिकायत, अब कार्रवाई का इंतजार
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने 1076 पर भी शिकायत किए जाने की बात कही है. अब सवाल यह है कि शिकायत की जांच किस स्तर पर होती है और पुलिस विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है.
जांच के बाद ही साफ होगी आरोपों की सच्चाई
पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए. मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था. अब लोगों की नजर पुलिस विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई पर है.
एसपी ओमवीर सिंह के पीआरओ ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
