पीलीभीत में बनेगा शानदार लेपर्ड सफारी पार्क! सरकार ने जारी किए 1 करोड़ रुपए का बजट, खुले जंगल में घूमेंगे तेंदुए

UP News: पीलीभीत में जल्द ही लेपर्ड सफारी पार्क बनने की उम्मीद है. सरकार ने शिलान्यास और शुरुआती विकास कार्यों के लिए ₹1 करोड़ का बजट जारी कर दिया है. यह पार्क तेंदुओं को एक सुरक्षित ठिकाना देगा और ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा.

UP News: पीलीभीत के गोपालपुर वनक्षेत्र में प्रस्तावित लेपर्ड सफारी पार्क को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. सरकार ने सफारी के शिलान्यास और शुरुआती विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है. इस रकम से सफारी क्षेत्र में जरूरी शुरुआती काम कराए जाएंगे. उम्मीद है कि अगले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके निर्माण की आधारशिला रख सकते हैं.

बाघों की बढ़ती संख्या के बीच तेंदुओं को मिलेगा नया ठिकाना

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ तेंदुए सुरक्षित ठिकाने की तलाश में दूसरे जंगलों की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में पीलीभीत की दियोरिया रेंज और शाहजहांपुर की खुटार रेंज का सामाजिक वानिकी क्षेत्र तेंदुओं के लिए बेहतर और सुरक्षित ठिकाने के तौर पर सामने आया है. इसी को देखते हुए यहां लेपर्ड सफारी पार्क विकसित करने की योजना तैयार की गई है. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्तावित सफारी पीलीभीत और शाहजहांपुर के जंगलों को जोड़ते हुए करीब 1,974 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित करने की योजना है.

1700 हेक्टेयर जंगल में 30 किलोमीटर का सफारी रूट

तेंदुओं की मौजूदगी को देखते हुए सामाजिक वानिकी के डीएफओ ने लेपर्ड सफारी का विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया था. इसे मुख्य वन संरक्षक के माध्यम से शासन को भेजा गया. इस परियोजना की डीपीआर करीब 49 करोड़ रुपये की तैयार की गई है. पहले के प्रोजेक्ट विवरण में करीब 1700 हेक्टेयर वन क्षेत्र और लगभग 30 किलोमीटर लंबे सफारी रूट की योजना बताई गई थी. योजना के तहत दोनों रेंज के वन क्षेत्र को मिलाकर एक विशेष सफारी कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. पर्यटकों की आवाजाही के लिए यहां दो मुख्य गेट बनाए जाने की योजना है.

खुले जंगल में घूमेंगे तेंदुए, सुरक्षित वाहन में जाएंगे पर्यटक

लेपर्ड सफारी का मॉडल इस तरह तैयार किया जाएगा कि तेंदुए खुले जंगल में घूम सकें, जबकि पर्यटक सुरक्षित पिंजरेनुमा वाहनों में बैठकर सफारी का आनंद लेंगे. सफारी क्षेत्र में तेंदुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे. प्रस्ताव में सफारी रूट, प्रवेश द्वार और तेंदुआ-रोधी फेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं.

एक करोड़ से शुरू होंगे शुरुआती काम

शासन की ओर से जारी एक करोड़ रुपये की राशि से सफारी के शुरुआती और जरूरी विकास कार्य कराए जाएंगे. इसमें आवागमन के लिए संपर्क मार्ग बनाने और जरूरी स्थानों पर फेंसिंग जैसे काम शामिल हैं. सफारी परियोजना को लेकर सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया जारी है. हालिया रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की मंजूरी के लिए भेजा गया है.

ईको टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा

लेपर्ड सफारी बनने से पीलीभीत में वन्यजीव पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. इससे पर्यटकों को तेंदुओं को उनके प्राकृतिक माहौल में देखने का मौका मिलेगा और जिले के ईको टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल सकता है. वन विभाग का मानना है कि यह परियोजना तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मददगार हो सकती है.

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By लक्की कुमारी

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