यूपी में आउटसोर्स भर्ती का बदला नियम, स्थानीय युवाओं और इन महिलाओं को मिलेगा खास प्राथमिकता...

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए नई मेरिट-आधारित प्रणाली शुरू की है. अब ग्रुप सी और डी पदों पर इंटरव्यू नहीं होंगे. स्थानीय युवाओं और विशेष महिला वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी.

UP News: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है. अब चयन प्रक्रिया को मेरिट आधारित बनाया गया है. ग्रुप सी और डी के पदों पर इंटरव्यू खत्म कर दिया गया है. स्थानीय युवाओं और कुछ विशेष वर्ग की महिलाओं को अतिरिक्त अंक देकर प्राथमिकता दी जाएगी.

100 अंकों की मेरिट से होगा चयन

नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) के माध्यम से होने वाली भर्ती में कुल 100 अंकों के आधार पर मेरिट तैयार होगी. इसमें लिखित परीक्षा के लिए अधिकतम 50 अंक तय किए गए हैं. निर्धारित योग्यता से अधिक शैक्षिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को अधिकतम 25 अंक मिलेंगे. संबंधित जिले का स्थानीय निवासी होने पर 15 अंक दिए जाएंगे.

विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी वेटेज

विशेष महिला वर्ग के लिए 10 अंक निर्धारित किए गए हैं. इसमें विधवा महिलाओं को पहली प्राथमिकता मिलेगी. इसके बाद तलाकशुदा और फिर परित्यक्ता महिलाओं को वरीयता दी जाएगी. इसके अलावा आउटसोर्स भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन, महिलाओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और भूतपूर्व सैनिकों के लिए लागू नियमों के अनुसार आरक्षण दिया जाएगा.

जेम से चुनी जाएंगी आउटसोर्स एजेंसियां

नई व्यवस्था में आउटसोर्स एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया भी बदली गई है. एजेंसियों का चयन सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम के माध्यम से किया जाएगा. एजेंसी का चयन कम से कम तीन साल के लिए होगा. जरूरत बनी रहने तक उसकी सेवाएं आगे भी जारी रखी जा सकेंगी. निगम, संबंधित विभाग और चयनित एजेंसी के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा.

सेवायोजन पोर्टल से आएंगे अभ्यर्थियों के नाम

विभागीय अधिकारियों के अनुसार चयन के लिए सेवायोजन पोर्टल से उपलब्ध कराए गए नामों का इस्तेमाल किया जाएगा. एक पद के लिए वरिष्ठता क्रम में पांच अभ्यर्थियों को प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. दो या उससे अधिक पद होने पर प्रत्येक पद के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा. हालांकि, ऐसे मामलों में अभ्यर्थियों की संख्या कम से कम 10 रखी जाएगी. भर्ती और कर्मचारियों की सेवा व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य, मंडल और जिला स्तर पर समितियां भी बनाई गई हैं. लापरवाही या गड़बड़ी मिलने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाने के साथ उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है.

Also Read: Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर याद आए रसखान के कान्हा: “ताहि अहीर की छौरियाँ, छछिया भरि छाछ पै नाच नचावैं”, विराट कृष्ण का गोकुल में ऐसा रूप

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अंजली कश्यप

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >