UP News: उत्तर प्रदेश के हिस्से का यमुना जल दिलाने और नदी के जल अधिकार की मांग को लेकर 25 जुलाई से 'मिशन रिहाई' अभियान शुरू होगा. इस अभियान के तहत 1008 दिन का उपवास-अनशन, जनजागरण कार्यक्रम और देशभर से 10 लाख सहमति-पत्र जुटाए जाएंगे. इसकी घोषणा मथुरा में हुई यमुना भक्तों की बैठक में की गई.
25 जुलाई से होगी अभियान की शुरुआत
मथुरा के छत्ता बाजार स्थित ठाकुर राधाकांत जी महाराज मंदिर में हुई बैठक में अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया. 25 जुलाई को कात्यायनी घाट पर यमुना पूजन के साथ 'मिशन रिहाई' का औपचारिक शुभारंभ होगा. इसी दिन 1008 दिन के उपवास-अनशन का संकल्प भी लिया जाएगा.
यमुना के हिस्से का पानी दिलाने की मांग
अभियान से जुड़े एडवोकेट मुकेश चतुर्वेदी ने कहा कि 1994 में पांच राज्यों के बीच हुआ यमुना जल बंटवारा समझौता 2020 में समाप्त हो चुका है. इसके बाद भी उत्तर प्रदेश के हिस्से का पानी दिलाने को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाए गए. उनका कहना है कि यह केवल नदी का नहीं, बल्कि पर्यावरण और लोगों के अधिकार का भी मुद्दा है.
जनजागरण और पदयात्राएं भी होंगी
अभियान के दौरान देशभर में जनजागरण कार्यक्रम, पदयात्राएं और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे. आयोजकों का लक्ष्य 10 लाख लोगों के सहमति-पत्र जुटाना है, ताकि यमुना के जल अधिकार की मांग को व्यापक जनसमर्थन मिल सके.
Also Read: वृंदावन की हरियाली को मिलेगा नया जीवन, एक लाख देशी पौधों की होगी रोपाई, जानिए पूरी खबर
