UP News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े कार सेवा कार्यक्रम में अहम बदलाव किया गया है. पहले इसकी शुरुआत 9 अगस्त को दिल्ली से प्रस्तावित थी, लेकिन अब यह कार्यक्रम वृंदावन के जुलहेंदी स्थित श्री चित्रगुप्त पीठ से शुरू होगा. इस दिन भूमि पूजन के साथ मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों के चयन और उनकी नक्काशी का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा.
भूमि पूजन के साथ शुरू होगी पत्थरों की नक्काशी
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि 9 अगस्त का आयोजन श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा. उन्होंने कहा कि भूमि पूजन के बाद कारीगर मंदिर निर्माण के लिए उपयुक्त पत्थरों का चयन करेंगे और उन पर नक्काशी की प्रक्रिया शुरू करेंगे.
देशभर के संत-महात्मा होंगे शामिल
इस अवसर पर देशभर के कई प्रमुख संत-महात्माओं और धर्माचार्यों के शामिल होने की संभावना है. इनमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवीन्द्र पुरी महाराज, जूना अखाड़े के स्वामी चक्रपाणि महाराज, निर्मोही अखाड़े के महंत सीताराम दास महाराज, निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर वेदमूर्ति महाराज, श्री चित्रगुप्त अखाड़ा के महामंडलेश्वर सुरेशानंद महाराज समेत अनेक संतों की उपस्थिति प्रस्तावित है.
सनातन धर्मावलंबियों से शामिल होने की अपील
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि यह आयोजन श्रद्धा, आस्था और मंदिर निर्माण के संकल्प का प्रतीक होगा. उन्होंने देशभर के सनातन धर्मावलंबियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की.
4 जुलाई को किया गया था कार सेवा का आह्वान
गौरतलब है कि 4 जुलाई 2026 को स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कार सेवा का आह्वान किया था. इसके बाद इस विषय को लेकर देशभर में चर्चा तेज हुई और विभिन्न संत-महात्माओं तथा श्रीकृष्ण भक्तों ने आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया.
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